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खजाना पाने के लिए ताऊ ने तांत्रिक से मिल कर भतीजे की दी बलि

तांत्रिक ने कहा था कि बलि देने पर जमीन में गड़ा हुआ खजाना मिल जाएगा और ताऊ ने अपनी भतीजे की ही बलि दे दी।  

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Tantrik

अलीगढ़। थाना हरदुआगंज इलाके के गांव चौगानपुर से 20 दिन पूर्व घर से लापता पांच वर्षीय कन्हैया की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। नरबलि देकर सिद्धि द्वारा धन प्राप्त करने के लालच में बच्चे के ताऊ ने गांव के युवक और तांत्रिक के साथ मिलकर बलि देकर हत्या की थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त गड़ासा बरामद कर लिया है साथ ही मृतक की चप्पल, बलि के समय पूजा का सामान भी पुलिस ने बरामद किया है। पकड़े गये आरोपी ने बताया कि जमीन में गड़े हुए खजाने को पाने के लिए बच्चे की बलि दी थी।


24 फरवरी से लापता था बच्चा

अलीगढ़ के थाना हरदुआगंज इलाके के गांव चौगानपुर से गत 24 फरवरी से संजय का पांच वर्षीय पुत्र कन्हैया घर के बाहर खेलते समय लापता हो गया। इस बात की जानकारी संजय के दूसरे छोटे पुत्र ने परिजनों को दी। इसके बाद संजय ने गांव के शिवकुमार को नामजद करते हुए अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 14 मार्च को गांव के लेखराज के गेंहू के खेत में कन्हैया का क्षतविक्षत शव कंकाल मिला था, कपड़े और चप्पल के आधार पर शव की शिनाख्त कन्हैया के रूप में हुई। बाद में पुलिस ने नामजद की तलाश सरगर्मी से की, आज बरौठा नहर से पुलिस ने आरोपी शिवकुमार को दबोच लिया। शिवकुमार ने बताया कि कन्हैया के ताऊ ताराचंद्र ने धन प्राप्ति के लालच में गांव के तांत्रिक ज्ञान सिंह के कहने पर बच्चे की पूजा अर्चना कर गड़ासे से गला काट कर बलि चढ़ा कर हत्या की थी। पुलिस ने कुछ देर बाद ही मृतक ताऊ और तांत्रिक को दबोच कर घटना का खुलासा कर दिया।

टाफी का लालच देकर ले गए थे बच्चे को

तांत्रिक ज्ञानसिंह ने गड़ा खजाना प्राप्त होने की बात कही थी, इसलिये गांव के ताराचंद्र के भाई के बेटे कन्हैया को टाफी का लालच देकर बुलाया। इसके बाद कन्हैया को खेत में ले जा कर तंत्रमंत्र क्रिया की गई। तांत्रिक ने पांच हजार रुपए में बच्चे की बलि चढ़ा दी। ताऊ ताराचंद्र का कहना है कि तांत्रिक ने मेरी बुद्धि खराब कर दी थी। ताराचंद ने बताया कि बच्चे का सिर गड़ासे से काट कर बलि चढाई गई थी। तांत्रिक ज्ञान चंद्र, शिवकुमार के साथ मिलकर खजाना प्राप्ति के लालच में कन्हैया की बलि चढ़ा दी। हालांकि बच्चे की गुमशुदगी पुलिस ने लिख ली थी लेकिन 14 मार्च को जब शिव कुमार का नाम पुलिस के सामने आया तो फिर बलि चढ़ाने वाले पुलिस के शिकंजे से बच नहीं सके। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।