अलीगढ़। हरदुआगंज थाना पुलिस पर चौकीदारों का शोषण करने का आरोप लगा है। यहां मानदेय पाने के लिए चौकीदार को थाने में साफ-सफाई करनी पड़ रही है। ऐसा न करने पर रजिस्टर पर उनकी गैरहाजिरी दर्ज कर दी जाती है। मानदेय रोक दिया जाता है। मजबूरी में चौकीदार को पुलिस की हर बात माननी पड़ती है।
मानदेय के नाम पर शोषण
हरदुआगंज के गांव माछुआ के छिलावली गांव के चौकीदार रघुवीर के साथ भी ऐसा ही हुआ। रघुवीर बुधवार को थाने में मानदेय के सिलसिले से आए थे, लेकिन दीवान ने उसे साफ-सफाई करने को बोल दिया। वो करता भी तो क्या करता। मानदेय जो लेना था। दिनभर उसने थाने में साफ-सफाई की। थाना परिसर में खड़ी एक्सीडेंटल गाड़ियों के बीच जमी गंदगी को हाथों से साफ किया।
थाने में करवाया जाता है ये काम
रघुवीर ने बताया कि अगर कोई भी चौकीदार थाने में आ जाए तो उसे कोई ना कोई काम थमा दिया जाता है। पूरे दिन चौकीदार से काम कराया जाता है। एक काम खत्म करने के बाद दूसरा काम सौंप दिया जाता है। चैन नहीं लेने दिया जाता है। अगर काम नहीं करते हैं तो मिलने वाला मानदेय भी रोक देते हैं। रघुवीर का कहना है कि थाने दीवान के चौकीदारों से घास छिलवाना, झाड़ू लगवाना और गंदगी साफ कराते हैं।
1500 रुपए मिलता है मानदेय
बता दें कि चौकीदारों का काम थाने में सफाई करना नहीं है। उनकी तैनाती गांव में होती है। गांव में होने वाली हर गतिविधियों पर नजर रखना उनकी जिम्मेदारी होती है। इस काम के लिए उन्हें 1500 रुपए मानदेय भी मिलता है, जो संबंधित थाने के हाथ में होता है। इसी का फायदा पुलिसकर्मी उठाते हैं। चौकीदारों की हाजिरी के एवज में उनसे थाने में काम कराते हैं।