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इलाहाबाद हाईकोर्ट: रेलवे सुरक्षा विशेष बल से आरपीएफ में तबादले से इंकार करने का आदेश रद्द

याचीगण आरपीएफ स्पेशल फोर्स की विभिन्न बटालियन में तैनात हैं। नियुक्ति के समय लागू नियम के अनुसार विशेष बल में पांच वर्ष सेवा पूरी करने के बाद वे पसंदीदा जोन में स्थानांतरण की मांग कर सकते हैं। याचियों की नियुक्ति 2015 में हुई। उसके बाद से वे विशेष बल में ही रहे। पांच वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद मुख्य सुरक्षा आयुक्त उत्तर पूर्व रेलवे गोरखपुर के 28 दिसंबर 2017 को जारी संशोधित कार्यालय आदेश 32 से उन्हें स्थानांतरण करने से मना कर दिया गया।

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इलाहाबाद हाईकोर्ट: रेलवे सुरक्षा विशेष बल से आरपीएफ में तबादले से इंकार करने का आदेश रद्द

इलाहाबाद हाईकोर्ट: रेलवे सुरक्षा विशेष बल से आरपीएफ में तबादले से इंकार करने का आदेश रद्द

प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रेलवे सुरक्षा विशेष बल में तैनात जवानों को उनकी पसंद के रेलवे पुलिस बल के जोन में स्थानांतरित कर तैनाती का निर्देश दिया है। न्यायालय ने आरपीएफ विशेष बल से आरपीएफ में स्थानांतरण रोकने के 28 दिसंबर 2017 को जारी पुनरीक्षित निर्देश को रद्द कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने उमाकांत व 234 अन्य आरपीएफ जवानों की याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता विजय गौतम व एडवोकेट प्रशांत मिश्र को सुनकर दिया है।

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याचीगण आरपीएफ स्पेशल फोर्स की विभिन्न बटालियन में तैनात हैं। नियुक्ति के समय लागू नियम के अनुसार विशेष बल में पांच वर्ष सेवा पूरी करने के बाद वे पसंदीदा जोन में स्थानांतरण की मांग कर सकते हैं। याचियों की नियुक्ति 2015 में हुई। उसके बाद से वे विशेष बल में ही रहे। पांच वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद मुख्य सुरक्षा आयुक्त उत्तर पूर्व रेलवे गोरखपुर के 28 दिसंबर 2017 को जारी संशोधित कार्यालय आदेश 32 से उन्हें स्थानांतरण करने से मना कर दिया गया।

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इस पुनरीक्षित आदेश को चुनौती देते हुए कहा गया कि इससे पूर्व हाईकोर्ट ने हरिश्चंद्र व 62 अन्य के मामले में स्पेशल फोर्स से आरपीएफ में स्थानांतरण करने का आदेश दिया है। यह प्रकरण भी उसी आदेश की परिधि में आता है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने 28 दिसंबर 2017 का पुनरीक्षित आदेश रद्द करते हुए याचियों को वरिष्ठता व पसंद के आधार पर मनचाहे जोन में तैनाती देने को कहा है।