
3 जनवरी से शुरू हो रहा माघ मेला। प्रतीकात्मक तस्वीर
Magh Mela 2026 Update: प्रयागराज एक बार फिर 'मिनी कुंभ' के लिए तैयार है। 3 जनवरी 2026 से माघ मेले की शुरूआत होने जा रही है। महाकुंभ 2025 के बाद प्रयागराज में धार्मिक माघ मेले का आयोजन होने जा रहा है। जिसमें देश-विदेश से लगभग 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया गया है। माघ मेला पौष पूर्णिमा 3 जनवरी से शुरू होकर महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 तक चलेगा।
माघ मेले में भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने यातायात और भीड़ प्रबंधन के लिए मेला क्षेत्र में प्रवेश मार्गों से ज्यादा निकास मार्ग बनाए गए हैं। सभी राजमार्गों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 11 प्रवेश मार्ग तय किए गए हैं। वहीं लौटने वालों के लिए 12 निकास मार्ग बनाए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं को मेले से बाहर निकलते समय किसी तरह की समस्या का सामना ना करना पड़े इसके लिए अंतरजनपदीय और अंतरराज्यीय स्तर पर यातायात की मजबूत योजना बनाई गई है।
| रूट / दिशा | ट्रेन नंबर | प्रस्थान स्टेशन | प्रस्थान समय | गंतव्य |
|---|---|---|---|---|
| प्रयागराज → कानपुर | 00101 | प्रयागराज जंक्शन | शाम 6:00 बजे | कानपुर सेंट्रल |
| प्रयागराज → कानपुर | 00102 | प्रयागराज जंक्शन | रात 8:25 बजे | कानपुर सेंट्रल |
| प्रयागराज/छिवकी → पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन | 00201 | प्रयागराज / छिवकी | दोपहर 1:00 बजे | पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन |
| प्रयागराज/छिवकी → पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन | 00401 | प्रयागराज / छिवकी | शाम 5:30 बजे | पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन |
| प्रयागराज/छिवकी → पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन | 00202 | प्रयागराज / छिवकी | शाम 7:00 बजे | पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन |
| प्रयागराज → सतना | 00301 | प्रयागराज जंक्शन | शाम 6:20 बजे | सतना |
| छिवकी → सतना | 00501 | छिवकी | शाम 6:55 बजे | सतना |
| नैनी → चित्रकूट धाम | 00601 | नैनी स्टेशन | शाम 6:00 बजे | चित्रकूट धाम (रात 10:15 बजे पहुंच) |
| माह | तिथि | पर्व |
|---|---|---|
| जनवरी | 3–4 जनवरी | पौष पूर्णिमा |
| जनवरी | 15–16 जनवरी | मकर संक्रांति |
| जनवरी | 18–19 जनवरी | मौनी अमावस्या |
| जनवरी | 23–24 जनवरी | बसंत पंचमी |
| फरवरी | 1–2 फरवरी | माघी पूर्णिमा |
| फरवरी | 15–16 फरवरी | महाशिवरात्रि |
वहीं, श्रद्धालुओं के वाहनों की सुविधा के लिए मेला क्षेत्र की सीमा पर 42 अस्थायी पार्किंग स्थल बनाये गए हैं। जिनमें करीब 1.30 लाख वाहनों के खड़े होने की व्यवस्था होगी। हर प्रमुख राजमार्ग से आने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं। जौनपुर-गोरखपुर और वाराणसी राजमार्ग पर सबसे ज्यादा पार्किंग बनाई गई है। जहां करीब 55 हजार वाहन खड़े किए जा सकते हैं। शहर से मेले में आने वालों के लिए भी अलग पार्किंग व्यवस्था की गई है।
श्रद्धालुओं के स्नान के लिए लगभग 8 किलोमीटर लंबा अस्थायी स्नान घाट तैयार किया गया है। मेला क्षेत्र को 7 सेक्टरों में विभाजित कर करीब 800 हेक्टेयर में बसाया गया है। इस बार स्नान घाटों को राज्यों के अनुसार बांटा गया है । मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ से आने वाले श्रद्धालुओं को अरैल घाट पर स्नान कराया जाएगा। वहीं बुंदेलखंड, मीरजापुर, सोनभद्र और चंदौली की ओर से आने वाले श्रद्धालु भी अरैल घाट पर स्नान करेंगे।
पूर्वी उत्तर प्रदेश, वाराणसी, गोरखपुर, बिहार, झारखंड और उड़ीसा से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए झूंसी घाट पर स्नान करेंगे। कुल 17 स्नान घाट बनाए जा रहे हैं। 8 किलोमीटर लंबी डीप वॉटर बैरिकेडिंग लगाई जा रही है। जिससे भीड़ को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित किया जा सके।
इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। माघ मेले के दौरान प्रयागराज, सूबेदारगंज और लखनऊ समेत प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर 450 से ज्यादा अतिरिक्त CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं। RPF और GRP की संयुक्त गश्त बढ़ा दी गई है । मेला क्षेत्र में 17 थाने और 42 पुलिस चौकियां तैयार की गई हैं । इसके साथ ही अग्नि सुरक्षा के लिए 20 अग्निशमन स्टेशन, सात अग्निशमन चौकियां और 20 वॉच टावर स्थापित किए जा रहे हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग से मेला क्षेत्र तक शटल बसों का परिचालन किया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न जनपदों से प्रयागराज तक रोडवेज बसों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
वहीं डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य का कहना है, '' जो भी तीर्थयात्री आ रहे हैं, वे डुबकी लगाकर वापस ना जाएं, इसके लिए 1 महीने के अल्पवास की भी व्यवस्था की गई है। वे अल्पवास करना चाहें तो कर सकते हैं। 3-4 दिनों तक यहां रुकें और अलौकिक दर्शन करें।''
Published on:
02 Jan 2026 04:32 pm
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