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माघ मेला 2026 में 2 करोड़ की विशेष नाव, जमीन और पानी दोनों पर चलेगी श्रद्धालुओं के लिए

Magh Mela 2026: प्रयागराज में आयोजित होने वाले माघ मेला 2026 में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक अनोखी नाव का प्रदर्शन होगा। यह नाव लगभग 2 करोड़ की है और विशेष तकनीक से जमीन और पानी दोनों पर चल सकती है। नाव मेला में नए आकर्षण के रूप में श्रद्धालुओं का अनुभव बढ़ाएगी।

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माघ मेला में दिखेगी 2 करोड़ की नाव, जमीन और पानी दोनों पर चलने की है क्षमता (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

माघ मेला में दिखेगी 2 करोड़ की नाव, जमीन और पानी दोनों पर चलने की है क्षमता (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

Magh Mela 2026 2 Crore Boat: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित होने वाले माघ मेला 2026 में इस बार श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक अनोखी आकर्षक सुविधा शामिल की जा रही है। मेला क्षेत्र में लगभग 2 करोड़ रुपये की नाव को जनता के दर्शन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा, जो विशेष तकनीक से जमीन और पानी दोनों पर चल सकती है। इस नाव को देखने के लिए हजारों लोग माघ मेला में इकट्ठा होने की उम्मीद है। माघ मेला, जो प्रयागराज में प्रतिवर्ष लगता है, हिन्दू धर्म का एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव है। यह मेला संगम तट पर आयोजित होता है, जहां गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदियों का संगम होता है। देश और विदेश से लाखों श्रद्धालु और पर्यटक इस मेला में शामिल होते हैं। इस बार मेला आयोजकों ने नाव को एक प्रमुख आकर्षण के रूप में पेश किया है, जो तकनीकी और पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यंत अनूठी है।

नाव की तकनीकी विशेषताएं

माघ मेला के आयोजकों के अनुसार, यह नाव हाइब्रिड टेक्नोलॉजी से तैयार की गई है। नाव को पानी पर तैराने के लिए पारंपरिक फ्लोटेशन तकनीक का उपयोग किया गया है। इसके साथ ही, नाव के नीचे लगे विशेष ट्रैक और पहिए इसे सख्त जमीन पर चलने की क्षमता प्रदान करते हैं। नाव में सुरक्षित बैठने की व्यवस्था के लिए आधुनिक सीटिंग और हैंडलिंग सिस्टम लगाया गया है।यह नाव लगभग 20–25 यात्रियों को एक साथ ले जा सकती है, जिससे समूह में दर्शन करने वाले लोग आसानी से इसका लाभ उठा सकते हैं। जानकारों का कहना है कि यह नाव पर्यटन और धार्मिक आयोजन दोनों के दृष्टिकोण से अत्यंत उपयोगी साबित होगी। इसकी मदद से श्रद्धालु संगम तट और मेला क्षेत्र के अन्य हिस्सों को आसानी से देख सकते हैं, जबकि जमीन पर भी इसे उसी तरह संचालित किया जा सकता है।

मेला आयोजकों का उद्देश्य

माघ मेला आयोजक समिति ने बताया कि इस नाव का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं के अनुभव को और बेहतर बनाना है। इसके माध्यम से श्रद्धालु संगम तट पर न केवल नदी के बीच की यात्रा कर सकते हैं, बल्कि मेला क्षेत्र के अन्य हिस्सों में भी इसका उपयोग किया जा सकता है। नाव की गति नियंत्रित है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित रहती है। यह नाव पर्यावरण के दृष्टिकोण से भी सुरक्षित है क्योंकि इसमें इलेक्ट्रिक मोटर और सोलर पैनल जैसी तकनीक का उपयोग किया गया है।आयोजकों का कहना है कि पिछले वर्षों में माघ मेला में भीड़ और यातायात की समस्या एक बड़ी चुनौती रही है। इस बार यह नाव मेला क्षेत्र में यात्री वितरण और भीड़ नियंत्रण में मदद करेगी।

श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण

माघ मेला में यह नाव एक विशेष आकर्षण के रूप में उभर रही है। श्रद्धालु और पर्यटक इसे देखकर उत्साहित हैं क्योंकि यह तकनीकी दृष्टि से देश में अपनी तरह की पहली नाव है। सोशल मीडिया पर भी नाव की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। इस नाव की सवारी से लोग मेला क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों का आनंद लेने के साथ-साथ संगम तट का अद्भुत अनुभव भी प्राप्त कर सकते हैं। मेला आयोजकों ने बताया कि इस नाव की यात्रा के लिए टिकट व्यवस्था की जाएगी। इससे ना केवल नाव संचालन सुचारू रूप से होगा, बल्कि इससे होने वाली आय का उपयोग मेला की अन्य व्यवस्थाओं के लिए किया जाएगा।

सुरक्षा और पर्यावरण

माघ मेला में हर साल लाखों लोग शामिल होते हैं। इस नाव के संचालन में सुरक्षा और पर्यावरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। नाव में लाइफ जैकेट और आपातकालीन उपकरण मौजूद होंगे। नाव का संचालन प्रशिक्षित कर्मियों द्वारा किया जाएगा। पानी और जमीन दोनों पर चलने की क्षमता होने के कारण चालक को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इलेक्ट्रिक मोटर और सोलर पैनल तकनीक से नाव संचालित होने के कारण पर्यावरण पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

नाव का निर्माण और लागत

माघ मेला के लिए बनाई गई यह नाव लगभग 2 करोड़ रुपये की है। नाव का निर्माण देश के अनुभवी इंजीनियरों और डिज़ाइनरों द्वारा किया गया है। इसमें स्थानीय कारीगरों की तकनीकी सहायता भी शामिल रही, जिससे रोजगार के अवसर भी पैदा हुए। नाव की डिज़ाइन में आधुनिक सुरक्षा मानकों का पालन किया गया है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। आयोजकों का कहना है कि यह नाव केवल धार्मिक पर्यटन के लिए ही नहीं, बल्कि शहर के पर्यटन क्षेत्र में एक नया आकर्षण भी बन सकती है। भविष्य में इसे अन्य मेलों और उत्सवों में भी उपयोग किया जा सकता है।

माघ मेला की विशेषताएं

माघ मेला प्रयागराज का एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है। इस मेले में हर साल लाखों लोग शामिल होते हैं। मेला क्षेत्र में अनेक धार्मिक स्थल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, व्यापारिक स्टाल और भोजन केंद्र लगाए जाते हैं। इस वर्ष नाव को शामिल करने से मेला और भी अधिक आकर्षक और व्यवस्थित बन जाएगा। आयोजक समिति का कहना है कि नाव के संचालन से मेला क्षेत्र में भीड़ नियंत्रण, पर्यटक सुविधा और श्रद्धालु अनुभव सभी बेहतर होंगे। यह नाव मेला में आने वाले लोगों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन सकती है।

नाव से जुड़ी जनता की प्रतिक्रिया

माघ मेला आने वाले लोगों और श्रद्धालुओं ने नाव के बारे में उत्साह व्यक्त किया है। लोगों ने कहा कि यह तकनीकी दृष्टि से अद्भुत है और इसे देखकर मेला और भी रोचक लग रहा है। पर्यटकों ने इसे “एक बार जीवन में अनुभव करने योग्य” बताया है। सोशल मीडिया और स्थानीय समाचार चैनलों में नाव की चर्चा व्यापक रूप से हो रही है।


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