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अतीक मर्डर: हमारे पास FIR की कॉपी, देखिए क्या कहती है अतीक मर्डर की FIR

Atiq Ahmed Murder: अतीक अहमद को सबके सामने गोली मारे जाने के तीनों आरोपियों पर पुलिस ने ही एफआईआर की है।

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अतीक और अशरफ के तीनों हत्यारोपियों को मौके से ही पुलिस ने पकड़ लिया था।

पूर्व सांसद अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। प्रयागराज के धूमनगंज खाने के SHO राजेश कुमार ने शाहगंज थाने में इस मामले की FIR दर्ज कराई है।


3 धाराओं में दर्ज हुआ केस
राजेश कुमार ने इस दोहरे हत्याकांड में लवलेश तिवारी, अरुण मौर्य और सनी सिंह पर आर्म्स एक्ट, 307 और 302 के तहत एफआईआर कराई है। इन तीनों गंभीर धाराओं के बारे में जानें तो पता चलता है कि तीनों ही धाराओं में काफी कठोर दंड का प्रावधान कानून में है।

अतीक के हत्यारोपियों केस में दोषी साबित हुए तो इस मामले में फांसी तक होना संभव होना है। ऐसा हम इन धाराओं में मौजूद प्रावधानों को देखते हुए कह रहे हैं। जानिए इन तीनों धाराओं में कितनी सजा का प्रावधान है।


आर्म्स एक्ट में हो सकती है उम्रकैद
तीनों आरोपी अवैध हथियार लेकर पहुंचे थे। ऐसे में तीनों पर आर्म्स एक्ट की धारा भी लगाई गई है। आर्म्स एक्ट की धारा (25-1) में आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।

307 में भी हो सकती है उम्रकैद
अतीक और अशरफ के हमलावरों पर पुलिस ने दूसरी धारा 307 लगाई है। धारा 307 हत्या के प्रयास के लिए लगाई जाती है। 307 के तहत दोषी होने पर मुजरिम को 10 साल तक की सजा से उम्रकैद तक हो सकती है।


हत्या साबित हुई तो फांसी होना भी संभव
अतीक के आरोपियों पर सबसे अहम धारा 302 है। IPC की धारा 302 हत्या के आरोपी पर लगाई जाती है। भारतीय कानून में हत्या को सबसे गंभीर अपराधों में गिना गया है। इस धारा के तहत मुकदमा होने पर जमानत काफी कम मिलती है। किसी पर 302 का मामला साबित होता है तो दोषी को सबसे ज्यादा सजा यानी फांसी की सजा भी सुनाई जा सकती है।

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अतीक के हमलावरों में शामिल सनी सिंह पर कुरारा थाने में 14 मुकदमे हैं। यानी उसका पहले से आपराधिक इतिहास है। ऐसे में केस में ये भी उसके लिए मुश्किल पैदा कर सकता है।