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Flood in Prayagraj: तस्वीरों में देखें गंगा-यमुना का रौद्र रूप, बाढ़ के पानी से घिरे हजारों परिवार

प्रति घंटे की रफ्तार से यमुना और गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। जिसकी वजह से शहरी इलाकों में बाढ़ का पानी घरों में घुसना शुरू कर दिया है। बाढ़ का पानी बढ़ता देख बघाड़ा में रहने वाले प्रतियोगी छात्र समान समेट कर पलायन करने लगे हैं। पलायन करने वाले छात्र किराए का कमरा लेकर रहते हैं।

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Flood in Prayagraj: तस्वीरों में देखें गंगा-यमुना का रौद्र रूप, बाढ़ के पानी से घिरे हजारों परिवार

पलायन करने वाले छात्र किराए का कमरा लेकर रहते हैं। ये सभी छात्र अपने कापी-किताब को बाढ़ के पानी से सुरक्षित रखने के लिए उसे समेट कर वहां से जाने लगे हैं।  

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जलस्तर बढ़ने से एक दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क टूट गया है। गांवों से आने-जाने के लिए लोग नाव का सहारा लेना शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए बाढ़ ग्रषित क्षेत्रों में एनडीआरएफ की टीम और नाविकों की तैनाती कर दी है।  

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प्रयागराज में दोनों नदिया उफान पर हैं लेकिन खतरे के निशान से 2 सेंटीमीटर नीचे हैं। जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी की वजह से प्रयागराज में बाढ़ की स्थिति बन गई है। रविवार को 8pm बजे तक गंगा फाफामऊ की तरफ जलस्तर 82.58 mm तक पहुंच गया है। छतनाग की तरफ गंगा का जलस्तर 81.74 mm तक पहुंच गया है। यमुना का जलस्तर नैनी की तरफ 82.30 mm तक पहुंच गया है।

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जिला प्रशासन ने जानकारी दी है कि रविवार को गंगा-यमुना दोनों नदियों में जलस्तर में बढ़ोत्तरी होगी। लेकिन 8pm बजे तक जलस्तर थमा है। लेकिन देर शाम जल स्तर बढ़ोत्तरी होने की संभावना जताई जा रही है।  

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लगातार जलस्तर में बढ़ोत्तरी के चलते जिला प्रशासन ने बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया है। शहर के दारागंज, छोटा बघाड़ा, नेवादा, गंगा नगर, बेली गांव, चिल्ला, बख्शी मोढ़ा, करैलाबाग समेत अन्‍य मोहल्ले बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इन इलाकों में लोगों के घरों में पानी घुस गया है।  

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बाढ़ का पानी शहरी इलाकों में प्रवेश कर गया है। शहर और गांव के कई इलाके चपेट में आ गए हैं। जिसमें छोटा बघाड़ा, सलोरी, बेली कछार, ऊंचवागढ़ी, राजापुर, नेवादा, गंगा नगर, चिल्ला, शिवकुटी, म्योराबाद, मेंदौरी, शंकरघाट, दारागंज, सादियाबाद, ककरहा घाट, सदियापुर, करैलाबाग, बक्शी मोढ़ा आदि मोहल्लों के काफी घरों में पानी घुस गया। सोरांव, फूलपुर, हंडिया, करछना, बारा, मेजा क्षेत्र में गंगा व यमुना नदी के किनारे के गांवों में तेजी से पानी घुसने लगा है।

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इसके मद्देनजर जिला प्रशासन की ओर से 12 बाढ़ राहत शिविर संचालित कर दिए गए हैैं। इसके साथ ही तटीय इलाकों पर 98 बाढ़- राहत चौकिया सक्रिय करते हुए टीम तैनात किए गए।  

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प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर तेजी के साथ बढ़ने की वजह से कछारी इलाको में बने नवनिर्माण घर डूबने की स्थिति में है।

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म्योराबाद और ओमनगर में इन दिनों एक दर्जन से अधिक मकान निर्माणाधीन हैं। इनमें से कई की छत पड़ रही हैं। लोगों का कहना है कि एक सप्ताह की परेशानी के बाद सब कुछ सामान्य हो जाएगा।

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इसी प्रकार गंगापार और यमुनापार इलाके नैनी, करछना, बारा, सोरांव, हंडिया, फूलपुर, मेजा के कई गांवों तक जाने वाले मार्ग पानी में डूब गए हैं। ऐसे में बिजली विभाग ने भी अलर्ट जारी कर दिया है। बाढ़ की स्थिति देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत शिविर और घाटों पर चौकिया सक्रिय कर दिया है।

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प्रयागराज में दोनों नदिया उफान पर हैं लेकिन खतरे के निशान से 2 सेंटीमीटर नीचे हैं। जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी की वजह से प्रयागराज में बाढ़ की स्थिति बन गई है।