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हाईकोर्ट का आदेश, थानों में नहीं लगेगी टॉप-10 अपराधियों की लिस्ट, पोस्टर

कोर्ट ने कहा-बैनर हटाएं, यह अनुच्छेद 21 का उल्लंघन
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Allahabad High Court

इलाहाबाद हाईकोर्ट में 15 से 17 अप्रैल तक आवश्यक मामलों की होगी सुनावाई , जारी हुआ सख्त प्रोटोकॉल

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

प्रयागराज. यूपी के थानों के बाहर अब टाॅप टेन अपराधियों के बैनर, पोस्टर नहीं नजर आएंगे। ऐसी ही लिस्ट में नाम शामिल होने पर इसपरआप त्ति करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी, जिसकी सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण आदेश में यूपी पुलिस को उत्तर प्रदेश के सभी पुलिस थानों में लगे टाॅप टेन अपराधियों की लिस्ट हटाने को कहा है।


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने थानों के बाहर टाॅप टेन अपराधियों के बारे में जानकारी देने वाले पोस्टर लगाने को संविधान के अनुच्छेद 21 का खुला उल्लंघन माना है। जस्टिस पंकज नकवी और जस्टिस विवेक अग्रवाल की बेंच ने ये आदेश जीशान उर्फ जानू, बलवीर सिंह यादव और दूधनाथ सिंह की याचिकों पर दिया। याचिकाकर्ताओं की ओर से प्रयागराज और कानपुर थानों के बाहर सर्वजनिक रूप से टाॅप टेन अपराधियों की लिस्ट जिसमें उनका भी नाम है लगाए जाने पर आपत्ति जताते हुए कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

कोर्ट ने इसपर सुनवाई करते हुए इसे संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघना बताते हुए डीजीपी को सभी थानों को सर्कुलर जारी कर थानों में लगे टाॅप टेन अपराधियों के पोस्टर हटवाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने थानों के बाहर अपराधियों के बारे में सार्वजनिक रूप से सूचनाएं प्रदर्शित करने को अनावश्यक माना है। हालांकि कोर्ट ने निगरानी के लिये अपराधियों की लिस्ट तैयार करेन को गलत नहीं माना है। बताते चलें कि थानों के बाहर पुलिस अपराधियों के नाम, पहचान और उनके आपराधिक इतिहास की जानकारी वाले पोस्टर लगाती है। पर अब कोर्ट के आदेश के बाद शायद इस तरह की लिस्ट थानों के बाहर न दिखे।

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