
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रामलीला मैदान पर कब्जे के खिलाफ याचिका पर राज्य सरकार को किया तलब
प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गौतमबुद्धनगर की दादरी तहसील के छवलस गांव में रामलीला की जमीन हड़पने की कोशिश के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर राज्य सरकार से जानकारी मांगी है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल व न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की खंडपीठ ने अनवर हुसैन की जनहित याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता कमल सिंह यादव व नवीन कुमार यादव ने बहस की।
इनका कहना है कि ड्रोन कैमरे से सर्वे के बाद गांव के सेवानिवृत्त पुलिस इंस्पेक्टर हरिओम शर्मा ने 18 फरवरी 21को जिस पर वर्षों से रामलीला होती थी,उसी जमीन की सहायक अभिलेख अधिकारी के मार्फत नोटिस जारी कराई और आराजी संख्या 99 रकबा 200 वर्गमीटर जमीन उनके पिता ब्रह्मदत्त शर्मा की है। जिसे आपत्ति करना हो कर सकता है।
इसकी किसी को जानकारी नहीं दी गई। ब्रह्मदत्त शर्मा की मौत 20 साल पहले ही हो चुकी है। इसके बारे में जब रामलीला की जमीन पर कब्जा करने लगे तो लोगों को पता चला है और अधिकारियों को शिकायत की गई। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने पर यह याचिका दायर की गई है।
यह आदेश न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा ने प्रताप देव शर्मा व 9 अन्य ग्रुप डी कर्मचारियों की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याचियों का कहना था कि रूल में बदलाव कर हिंदी अंग्रेजी टाइपिंग टेस्ट सभी के लिए अनिवार्य कर दिया है। टाइप टेस्ट के पांच दिन बाद अर्ह अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा ली जानी है।
Published on:
15 Jul 2022 08:14 am
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