इनकी अध्यक्षता में चयन समिति गठित हुई। जिसमें पंचायत सदस्य मधुपति,सुशीला देवी,श्रीपाल चयन समिति के सदस्य थे। इन लोगों की मिलीभगत से नियुक्तियां की गई। चार पदों के विरुद्ध 8लोगो की नियुक्ति की गई। अपने चहेतों को नौकरी पर रख लिया गया। नियुक्ति की सरकार से अनुमति भी नहीं ली गई। याची अधिवक्ता का कहना है कि नया जिला बना था । स्टाफ की जरूरत थी। नियमानुसार चयन समिति ने चयन किया और नियुक्ति की गई।आरोप निराधार है। आपराधिक कार्यवाही रद्द की जाय।