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खुद को मरा घोषित करने के लिए की हत्या, चेहरा जलाया; धार्मिक पहचान न हो इसलिए प्राइवेट पार्ट काट ले गया

प्रयागराज में एक शख्स ने अपने जैसे दिखने वाले एक शख्स की हत्या कर दी। इसके बाद उसने शव का चेहरा बिगाड़ दिया और फिर उसे खुद का शव साबित करने के लिए उसकी जेब में अपनी आईडी रख दी।

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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हत्या के एक मामले का खुलासा हुआ है, जो किसी क्राइम फिल्म की कहानी जैसा है। एक शख्स ने खुद को पुलिस रिकॉर्ड में मरा हुआ दिखाने के लिए अपने जैसी कदकाठी के शख्स की हत्या कर दी। इसके बाद उसने शव के चेहरे को बिगाड़ा और उसका निजी अंग भी काट लिया।

क्यों रची साजिश
प्रयागराज का रहने वाला फिरोज इलेक्ट्रीशन का काम करता है। आपराधिक किस्म के फिरोज के खिलाफ कई मुकदमें दर्ज हैं। फिरोज कई बार जेल जा चुका है। कुछ दिन पहले ही वह नैनी सेंट्रल जेल से छूटा था।

फिरोज के घर लगातार पुलिस की दबिशें होती रहती थीं, ऐसे में उसने एक खतरनाक प्लान तैयार किया। फिरोज ने प्लान बनाया कि अपने जैसे किसी दूसरे इंसान को मारकर उसकी जेब में अपनी आईडी रख दी जाए तो पुलिस उसे मरा हुआ मान लेगी और ये जेल का झंझट खत्म हो जाएगा।

प्लान को अंजाम देने के लिए अपनाया खतरनाक तरीका
फिरोज करीब दो महीने जेल से छूटा तो उसने इस प्लान को अंजाम देने की ठान ली। फिरोज के सामने सबसे पहली चुनौती अपने जैसा दूसरा इंसान ढूंढ़ने की थी। उसकी ये खोज पूरी हुई बिहार के सूरज से मिलने के बाद।

फिरोज की सूरज से मुलाकात हुई तो उसने उसकी हत्या करने की ठान ली। इसके लिए सबसे पहले उसने सूरज से दोस्ती की और उसे अपने शहर प्रयागराज आकर नौकरी करने को कहा। उसने सूरज का विश्वास जीतते हुए अच्छा काम दिलाने के बहाने उसे बुला भी लिया।

फिरोज ने बीते महीने, 17 अक्टूबर को सूरज को खाना खाने के लिए एक होटल में बुलाया। यहां उसने पहले से सूरज को मारने की प्लानिंग कर रखी थी। खाना खाने के बाद वो सूरज को कमरे में ले गया और उसका गला दबाकर मार डाला।

धार्मिक पहचान से राज खुलने का था डर
सूरज को मारने के बाद उसने उसका चेहरा बुरी तरह से खराब कर दिया ताकि पहचान ना हो। उसने अपना ड्राइविंग लाइसेंस लाश की जब में रख दिया। अब उसको ध्यान आया कि सूरज का अलग धर्म होने के चलते शव की पहचान निजी अंग से हो सकती है, तो उसने उसका प्राइवेट पार्ट भी काट दिया।

सूरज की जेबें खाली करना भूल गया फिरोज
पुलिस को जब सूरज का शव मिला तो उसकी तलाशी ली गई। उसकी जेब से फिरोज का ड्राइविंग लाइसेंस मिला तो कुछ नंबर भी मिले। नंबर बिहार के बक्सर के थे।

पुलिस ने बिहार से भी लोगों को बुलाया और फिरोज के घर से भी। सूरज के परिजनों और दोस्तों ने शव को देखा। सूरज के परिजनों ने शव सूरज का होने की बात कही। इस पर पुलिस का माथा ठनका और मामले की जांच शुरू की गई।

हाल ही में पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर एक मुठभेड़ के बाद फिरोज अहमद को पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद फिरोज ने सूरज की मौत की पूरी कहानी पुलिस को सुना दी। जिस तरह से फिरोज ने इस वारदात को अंजाम दिया, उसे सुनकर पुलिस अफसर भी सन्न रह गए। फिरोज को सूरज की हत्या के मामले जेल भेज दिया गया है।