
वाराणसी अस्पताल
इलाहाबाद. बहुत जल्द उत्तर प्रदेश में सरकारी डॉक्टर नौकरी के साथ ही घर पर भी मरीज देख सकेंगे। योगी सरकार सरकारी चिकितसकों को नौकरी के साथ ही प्राइवेट प्रैक्टिस की छूट देने जा रही है। जल्द ही यह प्रस्ताव कैबिनेट में आएगा। स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के मुताबिक ऐसा इसलिये किया जा रहा है क्योंकि सूबे में डॉक्टरों की काफी कमी है। कहा कि सरकार जल्द ही सरकारी डॉक्टरों को मिलने वाले नॉन प्रैक्टिस अलाउंस को खत्म कर सकती है। इसके बाद चिकित्सकों को निजी प्रैक्टिस की छूट देने का विचार किया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया है कि ऐसा करने के बाद जो डॉक्टर चाहेंगे वह प्राइवेअ प्रैक्टिस कर सकेंगे। जो नहीं करेंगे उनहें सरकार मानदेय देगी। कहा कि अब तक नॉन प्रैक्टिस अलाउंस लेने के बावजूद प्रैक्टिस करने वाले 18 डॉक्टरों के खिलाफ सरकार ने मुकदमा दर्ज कराकर कार्रवाई की है। उनकी सम्पत्ति की जांच के लिये आयकर विभाग ने नोटिस भी जारी कर दी है, जबकि 30 डॉक्टरों का निलंबन प्राइवेट प्रैक्टिस करने के चलते किया गया है।
बताया कि देश में छह लाख डॉक्टरों की कमी है। प्रदेश भी डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। इस कमी को दूर करने के लिये सरकार जहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयुष डॉक्टरों की तैनाती कर रही है। वहीं सीधी भर्ती के लिये वॉक इन इंटरव्यू भी करा रही है। दावा किया कि सरकारी की लगातार यह कोशिश है कि आने वाले दिनों में सूबे में डॉक्टरों की कमी को दूर करके स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर किया जाय। कहा कि आने वाले दिनों में डॉक्टरों को निजी प्रैक्टिस की छूअ दी जाएगी। इसके लिये प्रस्ताव कैबिनेट में रखा जाएगा।
सिद्धार्थनाथ सिंह ने पूर्व की सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि सपा-बसपा के शासन काल में भ्रष्टाचार चरम पर था। पर अब यह धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग में पहले की अपेक्षा भ्रष्टाचार कम हुआ है। इलाहाबाद पहुंचे सिद्धार्थनाथ सिंह ने अपने दौरे के दौरान कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं से मुलाकात भी की। वह विधानसभा चुनाव के बाद पहली बार अनौपचारिक रूप से मीडिया से रूबरू हुए।
By Prasoon Pandey
Updated on:
15 Jul 2018 10:39 am
Published on:
15 Jul 2018 10:30 am
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