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1387 करोड़ रुपए की परियोजना से आगरा-जयपुर रेलमार्ग बनेगा सुपरफास्ट, यात्रियों को मिलेगी राहत

Agra–Jaipur Railway Line: आगरा-जयपुर रेलमार्ग पर भरतपुर से बांदीकुई के बीच दोहरीकरण कार्य तेजी से आगे चल रहा है। यह परियोजना राजस्थान और उत्तर प्रदेश के रेल नेटवर्क को मजबूत करेगी।
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अलवर

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kamlesh sharma

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भुवनेश दीक्षित

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Jan 06, 2026

Photo: AI generated

खेरली (अलवर)। आगरा-जयपुर रेलमार्ग पर भरतपुर से बांदीकुई के बीच दोहरीकरण कार्य तेजी से आगे चल रहा है। यह परियोजना राजस्थान और उत्तर प्रदेश के रेल नेटवर्क को मजबूत करेगी। भरतपुर-बांदीकुई सेक्शन पर दूसरी रेल लाइन बिछाने का कार्य कई स्थानों पर तेज गति से चल रहा है।

रेलवे लाइन के समीप भूमि समतलीकरण का काम भी शुरू हो चुका है। रेलवे ने जुलाई-2026 तक इस ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा है, लेकिन प्लेटफार्म और स्टेशन विकास से जुड़े कार्य शेष रहने के कारण यह समय सीमा आगे बढ़ सकती है। सभी कार्य सुचारू रहे, तो वर्ष 2026 के अंत तक इस ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। अभी बांदीकुई से आगरा पहुंचने में ट्रेन में करीब चार घंटे लगते हैं।

खेरली से आगरा की 90 किलोमीटर दूरी तय करने में लगभग एक घंटा 45 मिनट और बांदीकुई की 65 किलोमीटर दूरी तय करने में एक घंटा लगता है। दोहरीकरण पूरा होने के बाद आगरा जाने में करीब आधे घंटे और भरतपुर से जयपुर जाने में लगभग 45 मिनट की बचत होगी। इस मार्ग पर प्रतिदिन डेढ़ से दो हजार यात्री सफर करते हैं।

  • आगरा से बांदीकुई तक चल रही इस दोहरीकरण परियोजना पर करीब 1387 करोड़ रुपए की लागत आएगी
  • चालू वित्तीय वर्ष के बजट में इसके लिए 70 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
  • वर्तमान में बांदीकुई से जयपुर तक डबल रेल लाइन है। आगरा तक डबल लाइन जुड़ते ही यह पूरा मार्ग सुपरफास्ट रेल कॉरिडोर के रूप में विकसित हो जाएगा।
  • आगरा से बांदीकुई तक अभी सिंगल रेल लाइन है, जिसका विद्युतीकरण वर्ष 2021 में पूरा हो चुका है।
  • इस रूट पर रोजाना 20 से 25 माल गाड़ियां और 16 पैसेंजर व एक्सप्रेस ट्रेनें गुजरती हैं। दोहरीकरण से परिचालन क्षमता बढ़ेगी और समय की बचत होगी।

दोहरीकरण का लक्ष्य वर्ष 2026 के अंत तक

इस रूट के दोहरीकरण का लक्ष्य वर्ष 2026 के अंत तक रखा गया है। कार्य तेजी से जारी है और परिस्थितियां अनुकूल रही तो अगले वर्ष के मध्य तक ट्रेनों का संचालन शुरू किया जा सकता है।
प्रशस्ति श्रीवास्तव, डीओएम, आगरा मंडल।