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राजस्थान में लिपिक भर्ती-2013 में फर्जीवाड़ा करने वालों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। मंगलवार को हुई अलवर जिला परिषद् की जिला स्थापना समिति की बैठक में दो फर्जी लिपिकों को बर्खास्त कर दिया गया। साथ ही भर्ती व्यवस्था को कलंकित करने वाले जिला परिषद के एक कार्मिक को जवाब देने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। इस भर्ती व्यवस्था में शामिल दो अधिकारियों की ओर से आए जवाब सरकार को भेजे जाएंगे। उन पर कार्रवाई सरकार के स्तर पर होगी। भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़े का खुलासा सबसे पहले राजस्थान पत्रिका ने किया था।
जिला प्रमुख बलबीर सिंह छिल्लर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पांच सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट पर फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों से नौकरी लेने वाली लिपिक सीमा बाई गुर्जर और कृष्णा कुमारी शर्मा को राजकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। दोनों के खिलाफ फौजदारी मुकदमा दर्ज कराने का निर्णय राज्य सरकार के आदेश पर लिया गया।
साथ ही जिला परिषद के भर्ती लिपिक राजेश यादव को जवाब देने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। उन पर फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने का आरोप है। पूर्व सीईओ रेखा रानी व्यास व एसएलओ विराट की ओर से आए जवाब को सरकार को भेजा जाएगा। इनकी ओर से पहले जवाब सीधे सरकार को भेजे गए थे, लेकिन अब परिषद की ओर से भेजे जाएंगे। भर्ती के दौरान और कौन-कौन अधिकारी यहां रहे, उनसे भी जवाब मांगा जाएगा।
फर्जी लिपिक भर्ती-2013 तीन चरणों में हुई। इस भर्ती में हुए फर्जीवाड़े की परत-दर-परत पत्रिका ने खोली। दो दर्जन से अधिक फर्जीवाड़े सामने आए। इस पर दो एक्शन पहले लिए गए। अब जिला स्थापना समिति ने तीसरी बार फर्जीवाड़े पर एक्शन लिया है। पत्रिका की खबरों के बाद सरकार जागी और सरकार के आदेश पर ही यह एक्शन लिया गया। जिला कलक्टर आर्तिका शुक्ला ने भी इसकी जांच रिपोर्ट सरकार को भेजी थी। इस कार्रवाई से पहले पंचायत समिति रैणी का लिपिक रुक्मणी नंदन शर्मा बर्खास्त हो चुका है।
जिला परिषद सीईओ के फर्जी हस्ताक्षर से जारी अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर बोनस अंक लेने वाली मालाखेड़ा पंचायत समिति की लिपिक सीमा बाई गुर्जर और फर्जी कंप्यूटर प्रमाण पत्र के आधार पर राजगढ़ पंचायत समिति में कार्यरत लिपिक कृष्णा कुमारी शर्मा को बर्खास्त किया गया। यह खुलासे काफी समय पहले हो गए थे, लेकिन एक्शन अब लिया गया। बताया जा रहा है कि इसमें एक लिपिक ने अपने बयान में बीडीओ को बताया है कि उसका फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र जिला परिषद से जारी हुआ है।
इस पूरी भर्ती में दस्तावेज सत्यापन दल के आक्षेपों को दरकिनार करना, चेकलिस्ट बदलना, दस्तावेज सत्यापन दल के फर्जी हस्ताक्षर से सत्यापन करना, सीईओ के फर्जी हस्ताक्षर से अनुभव प्रमाण पत्र जारी होना, फर्जी और अमान्य कंप्यूटर प्रमाण पत्र और अनुभव ओवरलैपिंग सहित कई बड़े मामले सामने आए हैं। करीब 20 मामले ऐसे हैं जिनमें जिला परिषद अलवर की ओर से अभी तक जिला कलक्टर की ओर से गठित समिति को दस्तावेज ही उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं।
जिला स्थापना समिति की बैठक में दो लिपिकों को बर्खास्त किया गया है। एक कार्मिक को जवाब देने के लिए तीन दिन का समय दिया है। भर्ती से जुड़े अधिकारियों से जवाब मांगा गया है।
-बलबीर सिंह छिल्लर, जिला प्रमुख
सरकार से जो आदेश मिले थे, उसके मुताबिक दो लिपिकों को सेवा से अलग करने का प्रस्ताव पास हुआ है। 85 शिक्षकों को तैनाती दे दी गई है। कुछ अन्य प्रस्ताव भी पास किए गए हैं।
-सालुखे गौरव रविंद्र, सीईओ, जिला परिषद
Updated on:
09 Sept 2025 06:56 pm
Published on:
09 Sept 2025 06:56 pm
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