
2100 महिलाओं ने सिर पर पार्थिव शिवलिंग रखकर यात्रा निकाली
अलवर. वेंकटेश बालाजी दिव्य धाम ट्रस्ट की ओर से एक होटल में मंगलवार से शिव पुराण कथा प्रारंभ हुई। कथा से पहले निकली एक किलोमीटर लंबी शोभायात्रा में 2100 महिलाएं मिट्टी के बने आकर्षक शिवलिंग थाली में रखकर अपने सिर पर धारण किए हुए भगवान शिव का भजन गाते हुए चल रही थीं। शोभायात्रा से पूरा शहर शिवमय हो गया। अलवर में पहली बार निकली इस तरह की शोभायात्रा आकर्षण का केंद्र रही। शिव पुराण कथा की पोथी कमल झिरीवाल, राजन झिरीवाल सिर पर धारण किए हुए चल रहे थे। इस शोभायात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया। पार्थिव शिवलिंगों का अभिषेक का समय सुबह 7 बजे से 10 बजे तक किया जाएगा तथा शिव महापुराण कथा दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक होगी।
अलवर तपोभूमि जिसके कण-कण में शिव है- सुदर्शनाचार्य: शिव पुराण कथा के पहले दिन दूसरे सत्र में संत स्वामी सुदर्शनाचार्य ने कहा कि अलवर तपोभूमि है जिसके कण-कण में भगवान शिव हैं। यहां सागर ऊपर बख्तेश्वर महाराज का मंदिर देश में अपनी तरह का अनोखा मंदिर है, जिसमें भगवान शिव के पूरे परिवार और उनके वाहनों की प्रतिमाएं हैं। अलवर वेद व्यास का ननिहाल है। यहां भर्तृहरि जी ने तप किया जिसका असर आज तक है।
पार्थिव शिवलिंग के दर्शन को पहुंचे श्रद्धालु: पहली बार इतनी अधिक संख्या में पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर उनकी पूजा की जा रही है। इन शिवलिंग को एक होटल में एक तरफ सजा कर रखा गया है। जिसे देखने दिनभर श्रद्धालु आते रहे। उन्होंने शिवलिंग के दर्शन भी किए।
Published on:
09 Aug 2023 12:01 pm
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