
अलवर जिले के सिलीसेढ़ झील के बहाव क्षेत्र व सरिस्का के बफर जोन में बने होटलों पर कार्रवाई के लिए मंगलवार को प्रशासन का बुलडोजर बाहर आया। प्रशासन ने 2 होटल समेत 16 अतिक्रमण हटाए। श्मशान घाट व खेतों की दीवार गिराने पर ग्रामीण विरोध में उतरे। आरोप लगाए कि बड़े होटल संचालकों को छोड़ दिया गया। प्रशासन निर्माणाधीन नटनी हैरिटेज होटल संसाधनों के अभाव में 3 घंटे में भी नहीं गिरा पाया। अब बाकी कार्रवाई बुधवार को होगी। हालांकि यह मामला कोर्ट में पहुंच गया है। प्रशासन बुधवार को कोर्ट की सुनवाई के बाद आगे कार्रवाई करेगा। प्रशासन का तर्क है कि इस प्रकरण में जिला न्यायालय से स्टे नहीं आया है। जल संसाधन विभाग ने कोर्ट में पक्ष रख दिया है।
पत्रिका ने 23 मई को सरिस्का के आसपास बने होटल-रेस्टोरेंट को लेकर अभियान शुरू किया था। अभियान के तहत क्षेत्र में नदी-नाले-पहाड़ पर अतिक्रमणों का खुलासा किया गया। कई होटल सिलीसेढ़ झील के बहाव क्षेत्र में भी पाए गए। नेताओं ने विधानसभा में इसे मुद्दा बनाया। ऐसे में प्रशासन कार्रवाई करने को मजबूर हुआ।
कार्रवाई के तहत मंगलवार सुबह 5 बजे एडीएम सिटी बीना महावर, एसडीएम अलवर प्रतीक जुईकर, तहसीलदार अलवर तनु शर्मा, जल संसाधन खंड के एक्सईएन संजय खत्री व यूआईटी की टीम पुलिस जाप्ते के साथ सिलीसेढ़ पहुंच गई। झील के बहाव क्षेत्र में आ रही 14 दीवारों को गिरा दिया गया। इस दौरान काफी भीड़ जमा हो गई। सबसे आखिर में तीन मंजिला नटनी हैरिटेज होटल को गिराने के लिए प्रशासन मशक्कत करता रहा, लेकिन यूआईटी के पास उपकरण नहीं थे। अब बुधवार को ढांचा गिराया जाएगा। प्रशासन की कार्रवाई शाम चार बजे तक चलती रही।
सिलीसेढ़ में 16 अतिक्रमण हटा दिए गए हैं। निर्माणाधीन नटनी हैरिटेज होटल की चारदीवारी व कमरों के पार्टीशन गिरा दिए गए हैं। तीसरी मंजिल पर शटरिंग हटाने के लिए होटल संचालक को बुधवार सुबह तक का समय दिया है। कोर्ट में सुनवाई भी होगी, उसके बाद आगे की कार्रवाई करेंगे। - प्रतीक जुईकर, एसडीएम अलवर
कार्रवाई के तहत मंगलवार सुबह 5 बजे एडीएम सिटी बीना महावर, एसडीएम अलवर प्रतीक जुईकर, तहसीलदार अलवर तनु शर्मा, जल संसाधन खंड के एक्सईएन संजय खत्री व यूआईटी की टीम पुलिस जाप्ते के साथ सिलीसेढ़ पहुंच गई। झील के बहाव क्षेत्र में आ रही 14 दीवारों को गिरा दिया गया। इस दौरान काफी भीड़ जमा हो गई। सबसे आखिर में तीन मंजिला नटनी हैरिटेज होटल को गिराने के लिए प्रशासन मशक्कत करता रहा, लेकिन यूआईटी के पास उपकरण नहीं थे। अब बुधवार को ढांचा गिराया जाएगा। प्रशासन की कार्रवाई शाम चार बजे तक चलती रही।
Published on:
07 Aug 2024 07:41 am
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