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अलवर जिला परिषद की बैठक में दिखा अनोखा विरोध, गैस सिलेंडर कंधे पर लेकर पहुंचे पार्षद

अलवर जिला परिषद की गुरुवार को आयोजित साधारण सभा की बैठक हंगामेदार रही। बैठक में विकास कार्यों और समस्याओं पर चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्षद जगदीश जाटव का विरोध प्रदर्शन चर्चा का केंद्र बन गया।

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अलवर जिला परिषद की गुरुवार को आयोजित साधारण सभा की बैठक हंगामेदार रही। बैठक में विकास कार्यों और समस्याओं पर चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्षद जगदीश जाटव का विरोध प्रदर्शन चर्चा का केंद्र बन गया। पार्षद जाटव इस बार कंधे पर खाली गैस सिलेंडर लेकर बैठक में पहुंचे और गैस वितरण प्रणाली की बदहाली पर तीखा प्रहार किया।

गैस की कालाबाजारी पर आक्रोश

बैठक में पार्षद जगदीश जाटव खाली सिलेंडर लेकर पहुंचे। पार्षद ने आरोप लगाया कि गैस सिलेंडर की भारी किल्लत है और वितरण में जमकर कालाबाजारी हो रही है। उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी भयावह है कि शादी-विवाह जैसे मांगलिक आयोजनों के लिए भी समय पर गैस उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि वे इस समस्या को गंभीरता से लें और कालाबाजारी करने वाले तत्वों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।


पहले भी हुए हैं अनोखे प्रदर्शन

पार्षद जगदीश जाटव का यह अनोखा प्रदर्शन कोई पहला मौका नहीं है। इससे पहले भी वे अपनी विशिष्ट शैली में विरोध दर्ज कराते रहे हैं। मनरेगा योजना के बचाव को लेकर जब वे कंधे पर फावड़ा और सिर पर परात रखकर जिला परिषद परिसर पहुंचे थे, तब भी उन्होंने अधिकारियों और सदन का ध्यान अपनी ओर खींचा था। उनके विरोध प्रदर्शनों का तरीका हमेशा स्थानीय समस्याओं को जनता के बीच उजागर करने का एक माध्यम बनता है।

बिजली कटौती और अन्य मुद्दे रहे हावी

बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारी मौजूद थे और विधिवत रूप से कोरम पूरा किया गया। बैठक के दौरान उपस्थित अन्य जिला पार्षदों ने भी अपने क्षेत्रों की समस्याओं को पुरजोर तरीके से उठाया। विशेष रूप से इलाकों में हो रही अघोषित बिजली कटौती के मुद्दे पर पार्षदों ने बिजली विभाग के अधिकारियों को जमकर घेरा और आपूर्ति में सुधार की मांग की।

सितंबर-अक्टूबर माह में कार्यकाल समाप्त

गौरतलब है कि अलवर जिला परिषद बोर्ड का वर्तमान कार्यकाल आगामी सितंबर-अक्टूबर माह में समाप्त हो रहा है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि अपनी अंतिम बैठकों में पार्षद अपने क्षेत्रों के लंबित कार्यों को लेकर और अधिक आक्रामक नजर आ सकते हैं। बैठक में अधिकारियों ने सदन को आश्वासन दिया कि पार्षदों की ओर से उठाए गए मुद्दों पर संबंधित विभाग जल्द ही रिपोर्ट तैयार करेंगे और समस्याओं का निवारण किया जाएगा।