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अलवर में 8 लाख की लूट: दोस्त ही निकला असली लुटेरा, हुआ गिरफ्तार

अलवर के लक्ष्मणगढ़ इलाके में 22 अप्रैल को हुई 8 लाख रुपये की लूट का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस लूट को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि खुद पीड़ित का पक्का दोस्त निकला।

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अलवर के लक्ष्मणगढ़ इलाके में 22 अप्रैल को हुई 8 लाख रुपये की लूट का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस लूट को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि खुद पीड़ित का पक्का दोस्त निकला। पुलिस ने आरोपी साहुन को गिरफ्तार कर उसके पास से पूरी रकम बरामद कर ली है।

क्या था पूरा मामला?

रिजवास निवासी जसराम गुर्जर ने पुलिस को बताया था कि 22 अप्रैल की सुबह वह जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए बड़ौदा जा रहा था। उसके साथ उसका दोस्त साहुन खान भी बाइक पर था और रुपयों से भरा बैग उसी के पास था। जसराम के आरोप के मुताबिक, जब वे जावली के पास पहुँचे, तो एक नकाबपोश बाइक सवार ने उन्हें रोका और बैग छीनकर फरार हो गया। पीड़ित ने इस घटना को लेकर मामला दर्ज करवाया।

पुलिस को शक हुआ और खुल गई पोल

घटना की सूचना मिलते ही लक्ष्मणगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू की। पुलिस को शुरुआत से ही कहानी कुछ अजीब लग रही थी। जांच के दौरान जब पुलिस ने बैग साथ लेकर बैठे दोस्त साहुन से सख्ती से पूछताछ की, तो वह टूट गया। उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया और बताया कि यह लूट उसने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर रची थी।

ऐसे दिया था वारदात को अंजाम

आरोपी साहुन ने बताया कि उसने पहले से ही पूरी साजिश रची थी। बैग उसके पास होने का फायदा उठाकर उसने अपने साथी को पहले से ही तैनात कर रखा था, ताकि लूट का नाटक किया जा सके और किसी को शक न हो। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी और बारीकी से की गई पूछताछ ने दोस्ती के इस मुखौटे को उतार फेंका।

पूरी रकम बरामद, साथी की तलाश जारी

पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि आरोपी साहुन (35 वर्ष), जो दौसा जिले के नांगल मेव का रहने वाला है, को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर लूटी गई पूरी 8 लाख रुपये की रकम बरामद कर ली है। अब पुलिस साहुन के उस फरार साथी की तलाश कर रही है जिसने लूट की घटना में उसका साथ दिया था। इस कार्रवाई में लक्ष्मणगढ़ थानाधिकारी नेकीराम और उनकी टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।