12 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भामाशाह बीमा योजना में मरीजों से ज्यादा इनको मिला लाभ, योजना से ये हो रहे है निहाल

सरकारी अस्पतालों में 1.47 लाख रोगियों के इलाज पर 21 करोड़, निजी अस्पतालों में 21 हजार मरीजों के इलाज पर 17 करोड़ से ज्यादा राशि का हुआ भुगतान

2 min read
Google source verification

अलवर

image

Prem Pathak

Jul 22, 2018

Alwar : Bamashah Insurance Plans To Lead Profits To Private Hospitals

भामाशाह बीमा योजना में मरीजों से ज्यादा इनको मिला लाभ, योजना से ये हो रहे है निहाल

अलवर. जरूरतमंद परिवारों को इलाज के लिए शुरू की गई भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना रोगियों से ज्यादा निजी अस्पतालों की गरीबी मिटा गई। अकेले अलवर जिले में योजना के एक लाख 69 हजार 286 रोगियों के इलाज पर सरकार को 38 करोड़ 99 लाख 46 हजार 861 रुपए का भुगतान करना पड़ा। खास बात यह कि अकेले निजी अस्पतालों को इसमें से 17 करोड 56 लाख 30 हजार 748 रुपए का भुगतान किया गया है जबकि निजी अस्पतालों में 21 हजार 980 व्यक्तियों का ही इलाज किया गया है।
जरूरतमंद लोगों को मुफ्त इलाज के लिए सरकार ने प्रदेश भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू की है। इसमें रोगियों को सरकारी एवं गैर सरकारी अस्पतालों में भामाशाह कार्ड के आधार पर इलाज की सुविधा प्रदान की गई है। योजना के तहत जिले में गत दो जुलाई तक एक लाख 69 हजार 286 व्यक्तियों को लाभांवित करने का दावा किया गया है। इनमें सरकारी अस्पतालों में एक लाख 47 हजार 306 लोगों को योजना का लाभ दिए जाने का दावा किया गया है। वहीं निजी अस्पतालों में 21 हजार 980 लोगों को इलाज की सुविधा प्रदान की गई।

इसलिए हुआ ज्यादा भुगतान :

योजना में निजी अस्पतालों को ज्यादा भुगतान का कारण वहां इलाज महंगा होना है। निजी अस्पतालों में उपचार के अलावा महंगी दवाईयों के कारण भी भुगतान की राशि बढ जाती है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एस. अग्रवाल ने बताया कि जिले के राजकीय चिकित्सालयों में 21 करोड 43 लाख 23 हजार 113 रुपए की राशि व्यय कर एक लाख 47 हजार 306 व्यक्तियों एवं निजी चिकित्सालयों में 17 करोड 56 लाख 30 हजार 748 रुपए की राशि व्यय कर 21 हजार 980 व्यक्तियों को लाभान्वित किया गया।

यूं हुए निजी अस्पताल निहाल

योजना के तहत प्रत्येक मरीज के इलाज पर सरकार ने 2303 रुपए का भुगतान किया। इसमें भी सरकारी अस्पताल में इलाज कराने पर प्रति रोगी 1454 रुपए का भुगतान सरकार को करना पड़ा। वहीं निजी अस्पतालों को योजना के तहत इलाज कराने वाले प्रति मरीज पर 7990 का भुगतान मिला। यानि सरकारी अस्पतालों में एक रोगी के इलाज पर खर्च राशि से पांच गुना से ज्यादा राशि का भुगतान निजी अस्पतालों को किया गया।

34 सरकारी व 37 गैर सरकारी अस्पताल जुड़े

जिले में योजना से 34 सरकारी अस्पताल जुड़े हैं, वहीं निजी अस्पतालों की 37 है। इसके बावजूद योजना का लाभ देने में सरकारी अस्पताल निजी हॉस्पिटलों से सात गुना आगे हैं। वहीं सरकार से रोगियों के इलाज की एवज में भुगतान प्राप्त करने में मात्र 4-5 करोड़ की राशि का अंतर है। यानि योजना मद में सरकार से राशि का भुगतान उठाने में निजी अस्पताल सरकारी से कहीं आगे हैं।

बड़ी खबरें

View All

अलवर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग