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अलवरः पुलिस: बाल अपचारी तांत्रिक ने की हत्या, परिजनः ये नरबलि…जांच नहीं तो सामूहिक आत्महत्या

मालाखेड़ा के नावली गांव में हुई मासूम बालक की हत्या के मामले में मंगलवार को पुलिस ने खुलासा किया। पुलिस का दावा है कि बाल अपचारी तांत्रिक ने बालक की गला दबाकर हत्या की है, जिसे निरुद्ध किया है।
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अलवर

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kamlesh sharma

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Updated: 30 Dec 2020, 2:20 PM IST

alwar boy murder case latest news

अलवर। मालाखेड़ा के नावली गांव में हुई मासूम बालक की हत्या के मामले में मंगलवार को पुलिस ने खुलासा किया। पुलिस का दावा है कि बाल अपचारी तांत्रिक ने बालक की गला दबाकर हत्या की है, जिसे निरुद्ध किया है। जबकि परिजनों का कहना है कि उनके बालक की बलि देकर हत्या की गई है और नरबलि में कई लोग शामिल थे। पुलिस नरबलि से साफ पल्ला झाड़ रही है।

जिला पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने मंगलवार को पत्रकारों को बताया कि गांव नावली निवासी रघुवीर का 11 वर्षीय पुत्र निर्मल उर्फ बाबू 26 दिसम्बर की सुबह लापता हो गया था। 27 दिसम्बर को दोपहर में बालक निर्मल उर्फ बाबू का खेत में शव पड़ा मिला। जिसकी बाल अपचारी तांत्रिक ने तंज कंसने से नाराज होकर और परिवादी परिवार से ईष्र्या के चलते हत्या कर दी। आरोपी बाल अपचारी तांत्रिक ने 26 दिसम्बर को सुबह करीब दस-साढ़े दस बजे मृतक बालक निर्मल को कहा कि ठाकुर बाबा के खेत की तरफ कुत्तों ने मोर मार दिए हैं, चल देखने चलते हैं। इस बहाने से वह निर्मल को अपने साथ ले गया और सरसों के खेत में मौका पाकर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी।

पुलिस का दावा, नरबलि नहीं हुई
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बालक निर्मल का शव अगले दिन दोपहर 3 बजे तक पड़ा रहने के कारण खेत में किसी जानवर द्वारा मृतक के नाक, कान व नाखूनों को काटना अनुसंधान में सामने आया है। मेडिकल बोर्ड द्वारा भी इन चोटों को मृत्यु के बाद ही होना तथा किसी जानवर के काटने से आना बताया है। अनुसंधान में मृतक की हत्या बतौर नर बलि करना सामने नहीं आया है। ना ही किसी गढ़ा धन निकालने की वजह से हत्या करना सामने आया है।

पिता रघुवीर का आरोप, लालच में बलि

मृतक बालक के पिता रघुवीर का कहना है कि पुलिस की यह बिल्कुल झूठी और बेबुनियाद जांच है। नरबलि में एक नहीं बल्कि कई लोग शामिल थे। पुलिस पूरी तरीके से बिक गई है और हमसे झूठ बोलकर थाने में हस्ताक्षर कराए थे। इसका दंड भगवान देगा। एक निर्दोष बालक की हत्या की गई है। हम सब परिवार वाले सीआईडी सीबी से इसकी जांच चाहते हैं। सीआईडी सीबी से जांच नहीं करवाई गई तो हम सब मिलकर जहर खाकर आत्महत्या कर लेंगे। हमारे पास एक अंतिम रास्ता यही बचा है, वैसे भी यह सभी लोग मिलकर हमें एक-एक करके खत्म कर देंगे।

हत्या से पहले किया था शृंगार
रघुवीर ने बताया कि उसके पुत्र का काजल, टीकी, बिंदी से शृंगार किया था तथा सिर में कील ठोंक रखी थी। नाक व कान काटे हुए थे तथा नाखून उखाड़ रखे थे। यह सब क्या वन्य जीव ने किया था। ऐसा कौन सा जीव था, जिसने मेरे पुत्र का शृंगार किया है। पुलिस ने पूर्ण रूप से हत्यारों से मिलीभगत की है।