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एसीबी की बड़ी कार्रवाई, सभापति और बेटा रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, पार्षदों ने आतिशबाजी की

अलवर और जयपुर एसीबी की संयुक्त टीम ने सोमवार को अलवर में बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए नगर परिषद सभापति बीना गुप्ता और उसके पुत्र कुलदीप गुप्ता को उनके घर से 80 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।

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अलवर

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kamlesh sharma

Nov 22, 2021

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अलवर। अलवर और जयपुर एसीबी की संयुक्त टीम ने सोमवार को अलवर में बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए नगर परिषद सभापति बीना गुप्ता और उसके पुत्र कुलदीप गुप्ता को उनके घर से 80 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। सभापति ने यह रिश्वत राशि नगर परिषद की दुकानों की नीलामी की बोली लगाने वाले व्यक्ति से उसके भुगतान के बिल पास करने की एवज में ली थी। एसीबी की अचानक कार्रवाई से जबरदस्त हड़कम्प मच गया।

एसीबी जयपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बजरंग सिंह शेखावत और एसीबी अलवर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजयसिंह ने बताया कि परिवादी मोहनलाल सोमवंशी ने करीब डेढ़ माह पहले एसीबी मुख्यालय जयपुर में शिकायत दी कि वह नगर परिषद में ऑक्शन के दौरान नीलामी की बोली लगाने का काम करता है। जिसकी एवज में नगर परिषद की ओर से प्रति नीलामी के हिसाब से उसे 2 प्रतिशत कमीशन दिया जाता है।

शहर के गायत्री मंदिर रोड स्थित नगर परिषद की 17 दुकानों के ऑक्शन के दौरान उसने नीलामी की बोली लगाई थी। जिसमें उसका 2 प्रतिशत के हिसाब से करीब 3.50 लाख रुपए कमीशन बना। इस कमीशन राशि का भुगतान करने की एवज में नगर परिषद सभापति बीना गुप्ता और उनका बेटा कुलदीप गुप्ता उससे 50 फीसदी राशि रिश्वत के रूप में मांग रहे हैं। इस शिकायत का एसीबी की ओर से सत्यापन कराया गया। जिसमें मामला सही पाया गया। दो दुकानों की नीलामी के कमीशन राशि के भुगतान की एवज में सभापति बीना गुप्ता उससे डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत मांगी। सत्यापन के दौरान सभापति ने मांग रही है। शिकायत सत्यापन के दौरान सभापति ने 50 हजार रुपए की रिश्वत ली तथा शेष रिश्वत राशि एक लाख रुपए सोमवार को देना तय हुआ।

बेटे कुलदीप से बरामद हुई रिश्वत राशि
सोमवार दोपहर करीब सवा तीन बजे परिवादी मोहनलाल रिश्वत राशि लेकर सभापति बीना गुप्ता के गायवाला मोहल्ला स्थित घर पर पहुंचा। वहां सभापति ने मोहनलाल को इशारा कर बेटे कुलदीप गुप्ता को पैसे देने को कहा। इस पर मोहनलाल और कुलदीप के बीच बातचीत में 80 हजार रुपए में सौदा तय हुआ। मोहनलाल ने कुलदीप को 80 हजार रुपए दिए। इसके बाद सभापति ने मोहनलाल को भुगतान राशि 1 लाख 73 हजार 676 रुपए का चेक काटकर दे दिया। सभापति के घर से बाहर आते ही मोहनलाल के इशारा करते ही एसीबी टीम ने दबिश कार्रवाई कर सभापति बीना गुप्ता और उसके बेटे कुलदीप गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया तथा कुलदीप की पेंट की जेब से रिश्वत राशि 80 हजार रुपए बरामद कर लिए।

पहले भी ले चुकी है रिश्वत
परिवादी मोहनलाल सोमवंशी ने एसीबी को दी शिकायत में बताया कि सभापति बीना गुप्ता ने गायत्री मंदिर रोड पर नगर परिषद की 17 दुकानों की नीलामी के कमीशन की राशि में से पहले भी करीब 1.15 लाख रुपए रिश्वत राशि के रूप में ले चुकी है।

सभापति घर के बाहर लगा लोगों का जमावड़ा
एसीबी की कार्रवाई की खबर पूरे शहर में आग की तरह से फैल गई। जिसके के कारण सभापति के मोहल्ले सहित आसपास क्षेत्र के काफी लोगों की भीड़ सभापति के घर के बाहर लग गई। एसीबी की कार्रवाई को देखने के लिए लोग सभापति के घर के बाहर खड़े रहे। कार्रवाई के दौरान गेट पर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए और किसी भी व्यक्ति को अंदर नहीं जाने दिया गया।

डेढ़ माह से एसीबी के रडार पर थी सभापति
परिवादी मोहनलाल ने करीब डेढ़ माह पहले एसीबी मुख्यालय जयपुर में सभापति बीना गुप्ता के खिलाफ शिकायत दी थी। जिस पर एसीबी पिछले करीब डेढ़ माह से सभापति बीना गुप्ता पर सर्विलांस रखे हुए थी।

काफी मात्रा में जेवरात मिले
एसीबी टीम को तलाशी के दौरान सभापति बीना गुप्ता के घर से काफी मात्रा में सोना-चांदी के जेवरात और नगदी मिली है। सोना-चांदी के जेवरातों के वजन की गणना के लिए एसीबी ने सुनाई को तराजू लेकर बुलाया। इसके बाद सुनार के माध्यम से जेवरातों का वजन की गणना कराई गई।

नगर परिषद में पार्षदों ने आतिशबाजी की
सभापति बीना गुप्ता के ट्रैप होते ही भाजपा पार्षद धीरज जैन, जीतू सैनी देवेन्द्र रसगनिया और अरुण जैन सहित कई पार्षद नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने आतिशबाजी करते हुए सभापति के ट्रैप होने पर खुशी जाहिर की।

घर के चारों तरफ पुलिस जाप्ता तैनात किया
कार्रवाई के दौरान सभापति बीना गुप्ता के घर के बाहर चारों तरफ पुलिस जाप्ता तैनात कर दिया गया। घर के मुख्य दरवाजे पर कई पुलिसकर्मी तैनात किए गए। पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई के दौरान किसी भी व्यक्ति को उनके घर के अंदर नहीं जाने दिया। इस दौरान एसीबी के डीएसपी महेन्द्र मीणा, शहर कोतवाल महेश शर्मा और एएसआई अजय शर्मा सहित काफी संख्या में एसीबी और पुलिस के अधिकारी और जवान मौजूद रहे।