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अलवर कथा में इंद्रेश उपाध्याय ने सुनाई मुस्लिम भक्त की कथा, दिया भक्ति और सद्भाव का संदेश

Alwar Katha News: अलवर में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय ने ईर्ष्या और आलस्य पर तीखी टिप्पणी की। साथ ही मुस्लिम भक्त मोहम्मद याकूब हुसैन की प्रेरक कहानी भी सुनाई।

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अलवर

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Himesh Rana

Mar 19, 2026

फोटो- कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय

Alwar Katha News: अलवर में कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय की श्रीमद्भागवत कथा चल रही है। कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय ने कहा कि “अलवर के लोग कढ़ी-कचौरी खाकर आलसी हो गए हैं।” यह बात उन्होंने प्रवचन के दौरान भजन गाने में आ रही कम आवाज को लेकर कही, लेकिन इसके साथ उन्होंने समाज को आत्मचिंतन का संदेश भी दिया।

ईर्ष्या को बताया सबसे बड़ा दोष

अपने प्रवचन में इंद्रेश उपाध्याय ने ईर्ष्या को मनुष्य के लिए सबसे बड़ा कष्ट बताया। उन्होंने कहा कि कई बार लोग कथा करने वाले से ही ईर्ष्या करने लगते हैं। ऐसे लोग कभी भी भगवान से सच्चा जुड़ाव नहीं बना पाते। उन्होंने समझाया कि क्रोध और मोह जैसे दोष समय के साथ कम हो सकते हैं, लेकिन ईर्ष्या को दूर करने के लिए व्यक्ति को विशेष प्रयास करना पड़ता है। इसलिए मन में किसी के प्रति जलन नहीं रखनी चाहिए।

छोटी-छोटी बातों से जन्म लेती है ईर्ष्या

उपाध्याय ने उदाहरण देते हुए कहा कि कई बार कोई व्यक्ति हमसे बेहतर कपड़े पहन ले या आगे बढ़ जाए, तो उसी से ईर्ष्या होने लगती है। यही भावना धीरे-धीरे व्यक्ति के जीवन में नकारात्मकता बढ़ाती है। उन्होंने नरसी मेहता और सांवरिया सेठ जैसे संतों का जिक्र करते हुए भक्ति में सरलता और निष्कपटता की सीख दी।

मुस्लिम भक्त की प्रेरक कहानी सुनाई

कथा के दौरान उन्होंने मुस्लिम भक्त मोहम्मद याकूब हुसैन की प्रेरणादायक कहानी भी सुनाई। उन्होंने बताया कि याकूब हुसैन ने अपनी मां की इच्छा पूरी करने के लिए संस्कृत सीखी और रामायण का पाठ किया। बाद में वैष्णव भक्ति से जुड़कर उन्होंने दीक्षा ली और ‘श्यामाशरण’ नाम पाया। वे भक्ति में इतने लीन हो गए कि धार्मिक आयोजनों में सक्रिय रहते और वृंदावन जाकर रासलीला का आनंद लेते थे।

विजय नगर ग्राउंड में चल रही कथा

यह कथा अलवर के विजय नगर ग्राउंड में आयोजित हो रही है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। गुरुवार को दोपहर 2 बजे से ही भजन-कीर्तन शुरू हो गए थे। कथा में भक्ति, जीवन मूल्यों और सामाजिक संदेशों का संगम देखने को मिल रहा है। श्रीमद्भागवत कथा 17 से 23 मार्च 2026 तक आयोजित की जा रही है। शाम 4:00 बजे से रात 8:00 बजे के बीच हो रही है।

इंद्रेश उपाध्याय रहते है चर्चा में

वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय की शादी 5 दिसंबर 2025 को जयपुर के ऐतिहासिक होटल ताज आमेर में हुई। उन्होंने हरियाणा के यमुनानगर की रहने वाली शिप्रा शर्मा के साथ सात फेरे लिए। यह एक भव्य विवाह था, जिसमें कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं। इस शादी में 100 पंडितों द्वारा वैदिक रीति से फेरे कराए गए। इंद्रेश जी की शादी ने उनके समर्थकों के बीच काफी चर्चा बटोरी और यह पूरे सोशल मीडिया पर छाया रहा।