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अलवर मॉब लिचिंग : ग्रामीणों की पिटाई से हुई थी रकबर की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया सच

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अलवर

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Prem Pathak

Jul 26, 2018

Alwar Mob Lynching : Postmortem report reveals reason of rakbars death

अलवर मॉब लिचिंग : ग्रामीणों की पिटाई से हुई थी रकबर की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया सच

अलवर . गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया भले ही रकबर उर्फ अकबर की मौत पुलिस कस्टडी में होना मान रहे हों, लेकिन सच ये है कि रकबर की मौत ग्रामीणों की पिटाई से हुई थी।

रकबर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार शरीर पर चोटों के सभी निशान पोस्टमार्टम से 12 घंटे पहले के हैं। रकबर का पोस्टमार्टम शनिवार दोपहर 12:45 बजे अलवर के सामान्य चिकित्सालय में हुआ, जबकि शुक्रवार रात 12:41 बजे पुलिस को नवल ने गोतस्करों के गायों को हरियाणा ले जाने की सूचना दी थी। रात करीब एक बजे पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। यानि पुलिस के पहुंचने से पहले ही रकबर से जानलेवा मारपीट हो चुकी थी।

घसीट-घसीट कर लाठी-डंडों से पीटा

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार ग्रामीणों ने रकबर पर लाठी-डंडों से हमला कर उसे घसीट-घसीट कर पीटा। उसके शरीर पर 5-6 खरोंच और आधा दर्जन से अधिक गंभीर चोटों के निशान मिले।
रकबर की पीठ के बांयी ओर, दाहिने कूल्हे, जांघ के बीच, बांयी कलाई व गर्दन के बांयी ओर खरोंच के निशान मिले हैं। कमर पर बांयी ओर ऊपर से नीचे तक, पीठ पर बांयी ओर भी गंभीर चोट के निशान हैं। उसकी बांयी ओर की छह पसलियां टूटी हुई थीं। पीठ पर पीछे दांयी ओर चोट का निशान था। दाहिनी पसलियों पर 13 गुना 2 इंच लंबा तथा दाहिनी पसलियों पर 12 गुना 5 इंच लंबा गुर्दे की ओर चोट का निशान मिला। दाहिने कूल्हे पर भी 12 गुना 7 इंच का चोट का निशान था। दाहिनी पैर पर भी गंभीर चोट का निशान था, जिससे जांघ के नीचे पैर की हड्डी टूट गई थी। बांयी कलाई में फ्रैक्चर व सूजन थी। चिकित्सकों के अनुसार यह सारी चोटें प्रथम दृष्टया लाठी और घूंसों की लगती हैं।

पोस्टमार्टम.....पहलू जैसा मामला

चिकित्सकों की मानें तो रकबर के शरीर पर जो चोटें मिली, उनमें कई बार तुरन्त ही मौत नहीं होती। फेफड़ों में खून जमा होने एवं सारी चोटों के मिलेजुले असर से उसकी मौत हुई है। ऐसी चोटों में व्यक्ति कुछ समय जीवित जरूर रहता है, लेकिन उसका बचना मुश्किल होता है। रकबर भी घटना के बाद करीब तीन घंटे जीवित रहा और इस दौरान उसने पानी भी पिया व पुलिसकर्मियों से बात भी की। गौरतलब है कि पहलू मामले में भी ऐसा ही हुआ था। पिटाई के डेढ़ दिन बाद पहलू की मौत हुई थी। उसकी मौत का कारण भी पसलियों में चोट व फेफड़ों में खून जमा होना था।

यूं चला जानलेवा घटनाक्रम

रात 12:41 बजे : (शुक्रवार) पुलिस को गोतस्करों के ललावंडी आने की सूचना मिली।
1:15 बजे : पुलिस ललावंडी पहुंची।
रात 2:00 बजे : घायल रकबर को लेकर ललावंडी से रवाना।
रात 2:10 बजे : गोविंदगढ़ मोड पर पुलिसकर्मियों ने चाय पी।
रात 2:30 बजे : पुलिस थाने पहुंची।
सुबह 3:36 बजे : पुलिस गायों को गोशाला छोडऩे गई।
तडक़े 4:00 बजे : रकबर को अस्पताल लेकर आई।
सुबह 6:00 बजे : शव अलवर मोर्चरी लाया गया।