
लक्ष्मणगढ़. प्रदेश सरकार चिकित्सा के क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की सुविधा आमजन को मुहैया करवाने का दावा तो कर रही है, पर जमीनी हकीकत दावों से बिल्कुल उलट है।
ग्रामीण इलाकों में चिकित्सा सुविधा को लेकर अस्पतालों पर नजर डालें तो कई अस्पताल तो ऐसे हैं जो बिना डॉक्टरों के ही चल रहे हैं। इनमें नर्स-कंपाउंडर ही मरीज का इलाज कर रहे हैं। इस बदहाल चिकित्सा व्यवस्था के कारण मरीज आए दिन परेशान होते रहते हैं। मजबूरी में मरीज को निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है, जहां पर मरीज से अत्यधिक राशि वसूल की जाती है। गरीब तबके के लोग इतनी अधिक राशि चुकाने में असमर्थ होते हैं। इससे ऐसे लोगों को तो बहुत ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है।
यहां है पद रिक्त
लक्ष्मणगढ़ ब्लॉक में तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऐसे हैं, जहां बिना डॉक्टरों के ही संचलित हो रहे हैं। इनमें राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सौराई में लगभग एक वर्ष, राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़का डेढ़ वर्ष व राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बीचगावा में काफी समय से चिकित्सक का पद रिक्त पड़ा है। इसके चलते नर्सिंग स्टाफ व आयुष चिकित्सक ही मरीजों का उपचार कर रहे हैं।
यहां भी हो रही परेशानी
लक्ष्मणगढ़ ब्लॉक स्थित राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में महिला चिकित्सक नहीं होने व जननी सुरक्षा में सुविधाओं का अभाव होने के कारण प्रसूताओं को तकलीफ उठानी पड़ती है। ब्लॉक में लक्ष्मणगढ़ व हरसाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अलावा 7 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। कुल मिलाकर 9 केंद्रों में से केवल एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरसाना में ही महिला चिकित्सक नियुक्त वो भी माइक्रो बायलॉजी विशेषज्ञ है। अन्य 8 संस्थाओं में महिला रोग विशेषज्ञ तो बड़ी दूर की बात, यहां महिला चिकित्सक ही नहीं है। ब्लॉक में एक भी महिला चिकित्सक व गायनिक चिकित्सक नहीं होने के चलते गर्भवती महिलाएं मालाखेड़ा या अलवर अस्पताल जाने को मजबूर है।
संस्थागत प्रसव का लाभ नहीं उठा पा रही महिलाएं
पीएचसी व सीएचसी में महिला चिकित्सक या स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं होने के चलते गर्भवती महिलाएं लोकलाज व शर्म के चलते ब्लॉक के सीएचसी व पीएचसी में प्रसव नहीं करवाती। क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को परिजन मालाखेड़ा सीएचसी या अलवर सामान्य अस्पताल में ले जाते है, जहां प्रसव करवाने को मजबूर है। जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
24 ग्राम पंचायतों के सैकड़ों गांवों की आधा आबादी परेशान
लक्ष्मणगढ़ ब्लॉक में महिला चिकित्सक व महिला गायनिक डॉक्टर नहीं होने के चलते ब्लॉक के अधीन आने वाली 24 ग्राम पंचायतों के सैकड़ों गांवों की महिलाओं को परेशानी उठानी पड़ रही है।
इन सीएचसी व पीएचसी में नहीं स्त्री रोग विशेषज्ञ महिला चिकित्सक
लक्ष्मणगढ़ ब्लॉक की सौराई, बड़का, मौजपुर, बीचगावा, फैडावती, झालाटाला, गन्डूरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला चिकित्सक नहीं है। सीएचसी लक्ष्मणगढ़ में एक भी महिला डॉक्टर नहीं है।
मांग पत्र भेजा हुआ है
रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए विभाग को मांग पत्र भेजा हुआ है। जहां डॉक्टरों के पद रिक्त है, वहां सीएचसी लक्ष्मणगढ़ से सप्ताह में दो दिन के लिए चिकित्सक लगाए हुए हैं।
डॉ. रूपेंद्र शर्मा, ब्लॉक सीएमएचओ, लक्ष्मणगढ़।
Published on:
27 Dec 2024 07:46 pm
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