
राजकीय गौरी देवी कन्या महाविद्यालय (जीडी कॉलेज) में पढ़ने वाली बेटियों की सुरक्षा के इंतजाम अधूरे हैं। कॉलेज के शौचालय के दीवारों पर कई आपत्तिजनक बातें लिखी हुई हैं। जिससे यह साबित होता है कि मनचले युवक कॉलेज के अंदर तक पहुंच रहे हैं। पत्रिका रिपोर्टर ने कॉलेज के टॉयलेट को देखा तो दीवारों पर मनचलों ने बालिकाओं के लिए अभद्र भाषा में कुछ लिखा हुआ था।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि बालिकाओं के शौचालय तक ये मनचले कैसे पहुंच गए? कॉलेज के मुख्य द्वार से लेकर कॉलेज के अंदर जाने तक किसी ने उन्हें रोका क्यों नहीं? जब ये मनचले शौचालय के अंदर पहुंच सकते हैं तो यहां पहुंचकर किसी भी अनहोनी घटना को अंजाम दे सकते हैं। कॉलेज प्रशासन पर भी सवाल उठ रहा है कि यहां बेटियों की सुरक्षा के लिए इंतजाम क्यों नहीं किए जा रहे हैं?
कॉलेज के मुख्य द्वार से लेकर अंदर तक सुरक्षा का इंतजाम नहीं है। सुरक्षा गार्ड भी नजर नहीं आया। इस कॉलेज में करीब साढे़ तीन हजार छात्राएं नियमित छात्रा के रूप में पंजीकृत हैं। इसके अलावा स्वयंपाठी छात्राएं भी यहां पढ़ने आती हैं। कॉलेज में साल भर प्रतियोगी परीक्षाएं भी होती रहती है जिसमें बड़ी संया में महिलाएं शामिल होती हैं।
कॉलेज के शौचालय के दरवाजे टूटे हुए हैं। जिन शौचालयों के दरवाजे सही है, उनको अंदर से बंद करने के लिए कुंदी नहीं है। छात्राओं ने बताया कि कुछ शौचालय की कुंदी बंद नहीं होती, इसलिए उन्हें पकड़कर बैठना पड़ता है। सवाल उठता है कि क्या सरकार कॉलेज को इतना भी बजट नहीं देती, जिससे दरवाजे सही करवाए जाएं?
कॉलेज के मुख्य गेट पर गार्ड बैठा रहता है- पुलिस की टीम भी समय-समय पर गश्त करती है। बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर कॉलेज प्रशासन ने कैमरे लगाए हैं- मंजू यादव, प्रिंसिपल, जीडी कॉलेज
Updated on:
24 Feb 2025 11:51 am
Published on:
24 Feb 2025 11:51 am
