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Alwar News: फर्जी जाति प्रमाण पत्र से 2005 में लगी नौकरी, अब बर्खास्त

अलवर जिले में फर्जी जाति प्रमाण-पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे शिक्षक देवदत्त आर्य को बर्खास्त कर दिया गया है। यह शिक्षक ओबीसी वर्ग का है, लेकिन उसने एसटी का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी पाई थी।
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अलवर

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Rajendra Banjara

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Updated: 15 Jul 2025, 12:49 PM IST

Fake Certificate

फर्जी जाति प्रमाणपत्र (Photo Patrika)

अलवर जिले में फर्जी जाति प्रमाण-पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे शिक्षक देवदत्त आर्य को बर्खास्त कर दिया गया है। यह शिक्षक ओबीसी वर्ग का है, लेकिन उसने एसटी का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी पाई थी।

शिकायत होने पर शिक्षा विभाग ने जांच कराई थी। जांच में फर्जी प्रमाण पत्र की पुष्टि होने के बाद निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने बर्खास्तगी के आदेश जारी किए हैं। वर्तमान में यह शिक्षक राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय धमरेड(राजगढ़) में व्याख्याता के पद पर तैनात था। देवदत्त आर्य ने 27 अप्रैल 2005 को वरिष्ठ अध्यापक (जीव विज्ञान) के रूप में कार्यग्रहण किया था। वर्ष 2011-12 की डीपीसी में इसे वरिष्ठ अध्यापक के पद से व्याख्याता के पद पर पदोन्नति मिली थी।

पहले इन पर हुई थी कार्रवाई

राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय टोड़ी में कार्यरत शिक्षक मनोज कुमार को भी इसी साल 24 अप्रैल को बर्खास्त किया गया था। इसके दस्तावेज भी फर्जी मिले थे। इनके पास ताइक्वांडो खेल का प्रमाण पत्र फर्जी था। पूर्व में भी अलवर जिले में फर्जी प्रमाणपत्र से नौकरी पाने वाले 10 पीटीआई को बर्खास्त किया गया था।