
representative picture (patrika)
सिलीसेढ़ के देसी ठाठ होटल मामले में होटल संचालक की ओर से एडीजे तृतीय कोर्ट में स्थगन आदेश व दावे में संशोधन को लेकर प्रार्थना पत्र दिया गया है। अब इस मामले पर सुनवाई मंगलवार को होगी। इस दौरान यूआइटी की ओर से भी अपना पक्ष रखा जाएगा। दावे में संशोधन क्या किया गया है, यह अभी साफ नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने 4 दिसंबर को देसी ठाठ समेत 10 होटलों को सील किया था। उसके बाद होटल संचालक को एडीजे तृतीय कोर्ट से शादी प्रबंधन के लिए राहत मिली थी, लेकिन यूआइटी ने हाईकोर्ट पहुंचकर एडीजे तृतीय कोर्ट के इस आदेश को निरस्त करवा दिया। उसके बाद प्रशासन ने दो दिन पहले होटल फिर सील कर दिया। हाईकोर्ट के आदेश पर एडीजे तृतीय कोर्ट में सुनवाई 12 दिसंबर को होनी थी, लेकिन किन्हीं कारणों से नहीं हो पाई।
सिलीसेढ़ के दो बड़े होटलों को तोड़ने के आदेश प्रशासन की ओर से जारी किए गए थे, लेकिन प्रशासन व यूआइटी के अधिकारियों ने सांठगांठ करके उस दौरान बया दिया, जो आज तक यह होटल चले आ रहे हैं। वर्ष 2018 में इन्हें गिराने के आदेश जारी किए गए थे। यह होटल वन विभाग के अलावा पीडब्ल्यूडी व जल संसाधन खंड की जमीन पर बने हुए थे। अब देखना है कि प्रशासन अपना पुराना आदेश लागू करता है या फिर उन्हें संरक्षण देता है। सवाल यह भी उठ रहा है कि टहला के 34 होटलों पर मेहरबानी क्यों की जा रही है।
Updated on:
16 Dec 2025 11:51 am
Published on:
16 Dec 2025 11:51 am
