
representative picture (patrika)
सिंचाई विभाग के अधीन जिले के छोटे बांध भी रिचार्ज होंगे। इसके लिए राज्य स्तर पर पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी ईआरसीपी के तहत प्रस्तावित अलाइनमेंट के दायरे में आने वाले छोटे बांधों तक पानी पहुंचाने के लिए डीपीआर को अंतिम रूप देगी। अलवर जिले में कई छोटे बांधों की डीपीआर पहले से तैयार है। इन बांधों तक लिंक नहरें निकाली जाएंगी, ताकि सालभर पानी बांधों में ठहरे। मानसून के दौरान बारिश के पानी को भी बांधों में रोका जाएगा।
ग्राम पंचायत क्षेत्रों में स्थित बांधों में पानी पहुंचने से आसपास के इलाकों में भूजल स्तर ऊपर आएगा। जिले के कई हिस्सों में जलस्तर 600 से 800 फीट तक नीचे जा चुका है, जिससे किसानों को सिंचाई में भारी खर्च उठाना पड़ रहा है। बांधों के रिचार्ज होने से सिंचाई लागत घटेगी और फसल उत्पादन बढ़ेगा। आसपास के गांवों में पेयजल संकट भी कम होगा। ट्यूबवेल दोबारा रिचार्ज होंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की निर्भरता कम गहराई पर हो सकेगी।
अलवर से गुजरने वाली ईआरसीपी नहर का सर्वे पूरा हो चुका है। करीब 150 किलोमीटर लंबी नहर का अलाइमेंट जल्द जारी होगा। इसके बाद नहर किन क्षेत्रों से होकर गुजरेगी, कितनी भूमि प्रभावित होगी और रास्ते में आने वाले अवरोधों को कैसे दूर किया जाएगा। इसका प्लान तैयार होगा।
Updated on:
06 Jan 2026 11:53 am
Published on:
06 Jan 2026 11:53 am
