
मालाखेड़ा. क्षेत्र में बाबा भर्तृहरि व पांडुपोल के लक्खी मेला परवान पर है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा के लिए जगह-जगह मीठे-ठंडे जल की प्याऊ और भंडारे की व्यवस्था की गई है। जहां सेवादार लोगों को रोककर शरबत, शिकंजी, भोजन की मनुहार करते देखे जा सकते हैं। सड़क पर लगाए गए इन शिविरों में सेवादार हाथ जोड़कर श्रद्धालुओं की मनुहार कर रहे हैं।
अलवर-करौली मेगा हाईवे से स्टेट हाईवे 44 बाबा भर्तृहरि धाम तक बड़ी संख्या में जगह-जगह लगे भंडारों पर श्रद्धालुओं की भीड़ लग रही है। श्रद्धालुओं के लिए रोडवेज बसों की व्यवस्था है। जुगाड़ तथा अपने साधनों से भी श्रद्धालु आ- जा रहे हैं। सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से भी बैरिकेड्स लगाए गए है। बाबा के धाम पर पहुंचकर श्रद्धालु, पशुपालक बाबा की तस्वीर खरीद रहे हैं। इसके साथ महिलाएं श्रृंगार के सामान की खरीद की।
देसी घी अर्पित किया
हरियाणा तथा राठ क्षेत्र से आई महिलाओं ने बताया कि उनके ऊपर बाबा की कृपा है और धीना सुरक्षित रहे, निरोगी रहे। इसके लिए बाबा के यहां देसी घी अर्पित किया है। चुग्गा डाला है। पशु रखने वाले परिवार की लीला देवी, गीता देवी, रामदेई, कलावती आशा रानी ने बताया कि हर वर्ष मेले में आते हैं। इस बार ज्यादा भीड़ है। हमने घरेलू कामकाज के लिए मूसल, चाटू, चकला, बेलन, रई की खरीदारी की है। श्याम गंगा, बारा भडकोल, बडेर, अहीर का तिबारा, ढाकपुरी, हल्दीना, जमालपुर स्टैंड, बरखेड़ा मोड़, राजगढ़ मोड़, सुभाष चौक, बीजवाड़़, पृथ्वीपुरा, मूंडिया स्टैंड, बालेटा, पुनखर, बलदेवपुरा, मानपुरा, सारंगपुरा, कुशालगढ़, माधोगढ़, सुमेल, छाजूरामपुरा, अलवर करौली मेगा हाईवे, कलसाड़ा के अलावा अन्य ग्रामीण व अन्य स्थानों पर भी श्रद्धालुओं की सेवा के लिए भंडारे में ठंडे मीठे शरबत के प्रयोग की व्यवस्था की गई है। सेवादारों का कहना था कि बाबा के जा रहे पैदल यात्रियों की सेवा करने से उनके मन को सुकून मिलता है। यह वर्ष पर्यंंत इस धार्मिक कार्यक्रम के लिए हर वर्ष सेवा कार्य करते हैं।
Published on:
10 Sept 2024 04:05 pm
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