
अस्पताल में चल रहा जांच का खेल, जांच रिपोर्ट में देरी, साथ ही कई जांचे आज भी करानी पड़ती है प्राइवेट
अलवर जिले के राजीव गांधी सामान्य अस्पताल में कुछ माह से जांच का खेल चल रहा है। 10 माह पहले एक कम्पनी को अलवर सहित प्रदेशभर में जांच का ठेका दिया गया था, लेकिन कई जांच अब तक लैब ने शुरू नहीं की हैं। इसके अलावा जिन जांच की रिपोर्ट चार घंटे में मिलनी चाहिए, वह भी दो से तीन दिनों में मिल रही है। मरीजों को जांच रिपोर्ट के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
सामान्य अस्पताल में बीते साल 36 जांच के लिए एक कम्पनी को जिम्मेदारी दी गई थी। इसके लिए सामान्य अस्पताल के एक कमरे में सैम्पल लिए जाते हैं व दिनभर के सैम्पलों को जांच के लिए भरतपुर भेजा जाता है। इस लैब ने अब तक एफएनएसी व पैप स्मेयर जैसे जरूरी जांच शुरू नहीं की है। इसके लिए मरीजों को निजी लैब में चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जबकि टोटल लिक्विड प्रोफाइल, एस जीजीटी, एस लिपासे, एपीटीटी, बॉयोकेमिस्ट्री, थायराइड व अन्य जांच की रिपोर्ट नियम के हिसाब से चार दिनों में मिल जानी चाहिए। ये रिपोर्ट मरीजों को दो से तीन दिन में मिल रही है। जबकि अन्य रिपोर्ट 24 घंटे में मिल जानी चाहिए, वह भी चार से पांच दिनों में मिल रही है। मरीजों को जांच व उसकी रिपोर्ट के लिए खासा परेशान होना पड़ रहा है।
लैब को नहीं किया शुरू, मरीज हो रहे परेशान
सामान्य अस्पताल में एक अन्य निजी लैब को पीपीपी मॉडल पर 30 जांच की जिम्मेदारी दी गई थी। एक साल पूरा होने पर उसे बंद करा दिया गया। इसमें मरीजों की इको कार्डियोग्राफी व बी स्केन सहित कई जरूरी जांच शामिल थी, जो निजी लैब में महंगी दरों पर होती हैं। हालांकि कुछ दिन पहले मेडिकल रिलीफ सोसायटी की बैठक में जांच शुरू करने के लिए जिला कलक्टर ने लैब को अनुमति दे दी। लेकिन अभी तक लैब शुरू नहीं हुई है।
दिए गए हैं निर्देश
लैब कर्मियों को निर्धारित समय पर रिपोर्ट देने व सभी जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा बंद लैब को भी जल्द ही शुरू किया जाएगा।
डॉ. भगवान सहाय, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, अलवर
Published on:
18 Jun 2018 08:54 am
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