
नफरी का टोटा, यातायात व्यवस्था बदहाल, ऐसे है अलवर जिले के बहरोड के हाल
बहरोड़. कस्बे में ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की कम संख्या और वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण यातायात व्यवस्था बदहाल है। कस्बे के मुख्य चौराहों पर सिपाहियों की कमी के कारण हमेशा जाम के हालात बने रहते हैं। कई साल से ऐसी स्थिति के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
कस्बे में यातायात पुलिस के लिए विभाग की ओर से 8 कांस्टेबल और 2 हैडकांस्टेबल के पद स्वीकृत है, लेकिन वर्तमान में यहां पर एक हैड कांस्टेबल और 2 कांस्टेबल ही मौजूद है। हालात ये हैं कि महज 3 पुलिसकर्मियों के कंधों पर पूरी व्यवस्था टिकी हुई है। पूरे कस्बे के लिए विभाग द्वारा स्वीकृत 6 होमगार्ड है जिनको अधिकारी अपनी सुविधा के लिए गश्त पर या अन्य जगह लगाते है। जिसके कारण जागुवास चौक और चौराहे पर कर्मियों की कमी होने के कारण जाम लगता है।
हो रही है दिक्कत
पर्याप्त सिपाही नहीं होने से काफी दिक्कतें हैं। वीआईपी ड्यूटी के दौरान समस्या और भी गंभीर हो जाती है। कई साल से सिपाहियों की तैनाती के लिए पत्र लिख रहे हैं, लेकिन संख्या नहीं बढ़ी है।
धर्मपाल मीणा, प्रभारी, यातायात चौकी बहरोड़
दिलाएंगे जाब्ता
यातायात पुलिस स्टाफ स्वीकृत से आधे से भी कम है। जिससे कस्बे की यातायात व्यवस्था सुचारू संचालन में दिक्कत हो रही है। उच्च अधिकारियों से बात कर स्टाफ बढ़वाएंगे।
-जनेश तंवर, डीएसपी बहरोड़
जनता परेशान है
तेजी से बढ़ते यातायात के बाद भी नगर के चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस जवानों की कमी होने से व्यवस्था नहीं होना अब आमजन पर भारी पड़ रहा है। इन चौराहों पर सुबह से शाम तक भीड़ रहती है तो वहीं दिन में कई बार जाम भी लग जाता है। इससे आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी होती है।
-कमल यादव, व्यवसायी बहरोड़
लगता है जाम
शहर में दिनभर सैकड़ों वाहनों का आवागमन होने से भीड़ रहती है। इसके बाद भी यहां पर ट्रैफिक पुलिस जवानों की कमी होने से व्यवस्था नहीं है। इससे हर कभी जाम लगता रहता है।
कपिल खण्डेलवाल, बहरोड़
Published on:
17 Jun 2018 10:31 am
बड़ी खबरें
View Allअलवर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
