
Mewat Cyber Fraud: अलवर। साइबर फ्रॉड के नेशनल पोर्ट बन चुके मेवात ने झारखंड के जामताड़ा को भी पीछे छोड़ दिया है। यहां गांव-ढाणियों में बैठे ठग देशभर में ठगी का जाल बिछाए हुए हैं। पिछले कुछ समय से गुजरात और महाराष्ट्र इनके रडार पर हैं। मेवात के शातिर ठग यहां के व्यापारी और आम लोगों को नए-नए तरीकों को जाल में फंसा साइबर फ्रॉड कर रहे हैं। ठगों की तलाश में गुजरात और महाराष्ट्र पुलिस मेवात के अलवर और भरतपुर जिलों में बार-बार आ रही हैं। अलवर और भरतपुर पुलिस के सहयोग ने गुजरात और महाराष्ट्र पुलिस कई ठगों को दबोच कर ले जा चुकी है।
मेवात के शातिर ठग ट्रक चालकों के जरिए पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़, असम, मणिपुर, मेघालय, नागालैंड, केरल व ओडिशा आदि क्षेत्र से फर्जी आईडी से सिमकार्ड मंगवाते हैं। इसके बाद इन मोबाइल नम्बरों के लिए गुजरात और महाराष्ट्र क्षेत्र के कारोबारी और आमजन को कॉल करते हैं। उन्हें सेक्सटॉर्शन, नकली सोने से ठगी, स्क्रैप, प्लास्टिक दाना, व्हीकल व इलेक्ट्रोनिक सामान बेचने तथा क्रेडिट कार्ड व बैंक केवाईसी अपडेट करने के नाम पर कॉल करते हैं और फिर उनके खातों से लाखों रुपए साफ कर देते हैं। अलवर और भरतपुर पुलिस पिछले करीब एक साल में मेवात क्षेत्र में चल रहे करीब एक लाख फर्जी सिमकाड्र और आईएमईआई नम्बर ब्लॉक करा चुकी हैं।
जून माह में नॉर्थ रीजन साइबर क्राइम ब्रांच मुम्बई (महाराष्ट्र) टीम ने अलवर के वैशाली नगर थाना पुलिस के साथ मिलकर वीरा गार्डन सोसायटी में दबिश दी। जहां से साइबर ठग देवांश को दबोचा। आरोपी ने मुम्बई निवासी एक व्यक्ति के साथ 12 लाख 99 हजार 756 रुपए की साइबर ठगी की थी।
गुजरात पुलिस की टीम पिछले दिनों अलवर आई। टीम कई दिन तक अलवर शहर के एक होटल में रुकी और गोपनीय रूप से मेवात के साइबर ठगों के बारे में जानकारी जुटाई। अलवर पुलिस के सहयोग से दबिश कार्रवाई कर कुछ ठगों को गिरफ्तार कर गुजरात लेकर गई।
ऑपरेशन एंटी वायरस के तहत जिले में साइबर ठगों के खिलाफ लगातार पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी है। अन्य राज्यों की पुलिस साइबर ठगों की धरपकड़ के लिए जब भी मदद मांगती है उनका पूरा सहयोग किया जा रहा है।
-संजीव नैन, जिला पुलिस अधीक्षक, अलवर
Published on:
04 Oct 2024 01:59 pm
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