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इस जिले के सरकारी महकमे की रहमदिली निगम को पड़ रही भारी,किराएदार ही बन गए अंगद, जाने क्या है मामला

साढ़े तीन करोड़ रुपए बकाया, फिर भी बस स्टैण्ड पर जमे दुकानदार

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अलवर

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Prem Pathak

May 31, 2018

Alwar : roadways news

इस जिले के सरकारी महकमे की रहमदिली निगम को पड़ रही भारी,किराएदार ही बन गए अंगद, जाने क्या है मामला

अलवर. घाटे से जूझ रही रोडवेज को बस स्टैण्ड स्थित उसके दुकानदार ही घाटा दे रहे हैं। 'अंगद की भांति जमे इन दुकानदारों पर रोडवेज का लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपए किराए का बकाया चल रहा है। जिसकी वसूली में रोडवेज अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं। इन दुकानदारों में कई ऐसे भी हैं, जो रोडवेज का लाखों रुपए लेकर रफूचक्कर हो चुके हैं। जिनका अता-पता भी रोडवेज के पास नहीं है। वहीं, कुछ ऐसे भी दुकानदार है, जो रोडवेज पर ही केस ठोक ठाठ से डटे हुए हैं। इनसे भी रोडवेज अधिकारी किराए की वसूली नहीं कर पा रहे हैं। सबसे विकट स्थिति रोडवेज के अलवर आगार की है। अलवर आगार के अधीन दुकानदारों पर रोडवेज का लगभग सवा तीन करोड़ रुपए बकाया चल रहा है। इसमें से करीब 42 लाख 25 हजार रुपए लाइसेंस फीस के हैं।

मूल से ज्यादा ब्याज

रोडवेज की दुकानदारों पर बकाया चल रही किराया राशि में मूल से ज्यादा ब्याज (पेनल्टी) है। रोडवेज अधिकारियों की मानें तो अलवर आगार के अधीन दुकानदारों पर रोडवेज की 42 लाख 25 हजार 610 रुपए किराया राशि बकाया चल रही है। वहीं, इस पर नियमानुसार अब तक 2 करोड़ 93 लाख 18 हजार रुपए पेनल्टी लग चुकी है। इसके बावजूद दुकानदारों किराया जमा कराने से बच रहे हैं।

पहले बाप, अब बेटे के नाम दुकान

रोडवेज के कई बकायादार ऐसे हैं, जिन्होंने रोडवेज को चूना लगाने की गली निकाल ली है। इनमें से कई ऐसे हैं, जिन्होंने पहले अपने नाम से दुकान आवटित कराई। बाद में किराया बढऩे पर ये दुकान छोड़ गए। बाद में दुकान के नए टेण्डर होने पर इन्होंने फिर अपने भाई, बेटे सहित अन्य सगे संबंधियों के नाम से दुकान हथिया ली। स्थिति ये है कि रोडवेज में ऐसे कई अंगद अब भी दुकानों से चिपके बैठे हैं और नियमों की आड़ में रोडवेज की आंख में धूल भी झोंक रहे हैं।

फैक्ट फाइल

रोडवेज के अलवर आगार के अधीन कुल दुकानें - 18
दुकानदारों पर किराया बकाया - 42 लाख 25 हजार 610 रुपए
किराया जमा नहीं कराने पर पेनल्टी - 2 करोड़ 93 लाख 18 हजार 950
दुकान खाली कर भागे दुकानदार - 5, न्यायालय में विचाराधीन मामले- 3-4

दुकानदारों से किराया वसूली के प्रयास किए जा रहे हैं। इसे लेकर दुकानदारों को नोटिस भी दिए गए हैं। मामला उच्चाधिकारियों की भी जानकारी में हैं। उनके निर्देश के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
मनोहर लाल शर्मा, मुख्य प्रबंधक अलवर आगार