
अलवर के माचड़ी गांव में एक पुराने कुएं को तोड़े जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कुएं की तोड़फोड़ से नाराज़ ग्रामीण जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। भीड़ बढ़ने पर पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान बीच तीखी बहस भी हुई।
इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह कुआं गांव के बुजुर्गों द्वारा बनवाया गया था और वर्षों से ग्रामीणों की साझा संपत्ति रहा है। जूली ने आरोप लगाया कि कुएं पर अवैध कब्जे की कोशिश प्रशासनिक मिलीभगत से हुई है। उन्होंने मांग की कि पटवारी, थाने के कर्मचारी या कोई भी अधिकारी यदि इसमें शामिल पाया जाए, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उन्हें निलंबित किया जाए।
ग्रामीणों के आरोप के अनुसार अनीश नामक व्यक्ति ने पहले कुएं पर कब्ज़ा करने की कोशिश की और बुधवार को जेसीबी से उसे तुड़वाकर मिट्टी से भरवा दिया। वे दावा करते हैं कि इस दौरान पटवारी मौके पर मौजूद थे। आरोप है कि जब ग्रामीण शिकायत लेकर अकबरपुर थाने पहुंचे तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने से भी इनकार कर दिया।
नेता प्रतिपक्ष जूली ने कहा कि राज्य में दलितों के खिलाफ अत्याचार की घटनाएं बढ़ रही हैं और सरकार संवेदनशील मामलों में जवाबदेही से बच रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि उचित कार्रवाई न होने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
Updated on:
04 Dec 2025 02:39 pm
Published on:
04 Dec 2025 02:39 pm
