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विधानसभा चुनाव: इस बार क्या बागी बिगाड़ेंगे, कांग्रेस बीजेपी का खेल?

इस बार तिजारा-रामगढ़ हॉट सीट है और मुकाबला रोचक होने की उम्मीद है। तिजारा में भाजपा के बालक नाथ व रामगढ़ में जुबेर खान प्रत्याशी प्रमुख हैं, अन्य उम्मीदवार भी प्रभावी भूमिका में रहेंगे।

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इस बार अलवर जिले में राज्य सरकार के दो कैबिनेट मंत्री भी चुनाव मैदान में हैं, इस कारण पूरे जिले की निगाहें दोनों मंत्रियों की सीटों पर टिकी है। इनमें अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से कैबिनेट मंत्री टीकाराम जूली तथा बानसूर से कैबिनेट मंत्री शकुंतला रावत कांग्रेस टिकट पर चुनाव मैदान में हैं।

हालांकि दोनों ही मंत्रियों का सीधा मुकाबला भाजपा प्रत्याशियों से है, लेकिन बानसूर में पूर्व मंत्री डॉ रोहिताश शर्मा असपा के टिकट पर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने के प्रयास में जुटे हैं। हालांकि बसपा के टिकट पर यहां मुकेश यादव भी मुकाबले को रोचक बनाने के प्रयास में हैं। इस सीट पर भी मुकाबला नजदीकी रहने के साथ चौंकाने वाला हो सकता है।

अन्य दिग्गजों की सीटें भी चर्चा में

विधानसभा चुनाव में कांग्रेस व भाजपा के अन्य दिग्गज भी भाग्य आजमा रहे हैं। इनमें बहरोड़ से भाजपा के पूर्व मंत्री डॉ जसवंत यादव, थानागाजी से भाजपा टिकट पर पूर्व मंत्री हेमसिंह भडाना शामिल हैं। वहीं अलवर शहर से भाजपा के संजय शर्मा व कांग्रेस के अजय अग्रवाल के बीच सीधा व रोचक मुकाबला होने की उम्मीद है। वहीं त्रिकोणीय संघर्ष में फंसी किशनगढ़बास, मुंडावर, कठूमर सीटों पर भी लोगों की नजर है।

रामगढ़ जिले की हॉट सीट

विधानसभा चुनाव में इस बार तिजारा व रामगढ़ जिले की हॉट सीटों में शामिल होने से पूरे जिले की यहां के चुनाव पर लगी है। वहीं दो केबिनेट मंत्रियों सहित कांग्रेस व भाजपा के अन्य प्रमुख प्रत्याशियों की सीटों पर भी इस बार मुकाबला रोचक होने की आसार हैं। कारण है कि इस बार विधानसभा चुनाव में ज्यादातर सीटों पर कांग्रेस व भाजपा के बागी मजबूत दावेदारी जता रहे हैं, इससे कई सीटों पर मुकाबला नजदीकी भी रहने की उम्मीद है।

राजगढ़- लक्ष्मणगढ़ में दोनों प्रमुख दलों की चुनौती बढ़ी

वैसे तो कुछ सीटों को छोड़ ज्यादातर विधानसभा क्षेत्रों में बागी नेताओं की समस्या से कांग्रेस व भाजपा जूझ रहे हैं, लेकिन इन सीटों पर कहीं कांग्रेस तो कहीं भाजपा के बागी चुनाव मैदान में हैं। वहीं जिले में राजगढ़- लक्ष्मणगढ़ सीट ऐसी है जहां कांग्रेस व भाजपा दोनों ही दल बागियों की समस्याओं से बराबर जूझ रहे हैं।

यहां कांग्रेस से विधायक जौहरीलाल मीणा तथा भाजपा से वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी रहे विजय समर्थलाल मीणा टिकट नहीं मिलने पर बागी खड़े हो गए हैं। इस कारण इस सीट पर प्रमुख दलों के प्रत्याशियों को एक साथ तीन मार्चों पर संघर्ष करना पड़ रहा है। चुनाव विशेषज्ञों का मानना है कि राजगढ़- लक्ष्मणगढ़ सीट पर इस बार चुनाव परिणाम नजदीकी रहने के साथ ही चौंकाने वाला हो सकता है।