
साइबर फ्रॉड ऑनलाइन माध्यम से लोगों को बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं। वे लोगों को धोखा देने के लिए हर दिन नए तरीके अपनाते हैं। उनकी नई तरकीबों में से एक है लोगों के फोन पर विशेष फाइलें भेजना और फिर उनके बैंक खातों से पैसे निकालना।
पिछले वर्ष अलवर जिले में 7-8 लोगों के साथ ऐसा हुआ है। साइबर फ्रॉड, लोगों के मोबाइल पर एपीके (एंड्राइड एप्लीकेशन पैकेज) सेंड कर रहे हैं। शातिर ठग ऑनलाइन सर्चिंग इंजन पर कूरियर कम्पनीज, हॉस्पिटल, बैंक, कस्टमर केयर सहित कई अधिकृत उत्पाद कम्पनियों की सेवा के नाम पर लोगों को अपनी जाल में फंसा रहे हैं।
कोई भी व्यक्ति इन कम्पनियों और संस्थानों की सेवा या शिकायत के लिए सर्चिंग इंजन गूगल पर इन्हें तलाशता है तो उन्हें कुछ वेबसाइट दिखाई देती है। जो वास्तविक लगती हैं, लेकिन वे वास्तव में नकली हैं।
जब आप इन वेबसाइटों पर दिए गए लिंक पर क्लिक करते हैं या फोन नंबर पर कॉल करते हैं, तो वे व्हाट्सएप के जरिए आपके फोन पर एक विशेष फाइल भेजते हैं। एक बार जब आप इस फ़ाइल को डाउनलोड कर लेते हैं, तो आपके मोबाइल का एक्सेस ठगों के पास पहुंच जाता है।
धोखाधड़ी से बचने के लिए ये बातें आपके लिए जरूरी
ई मेल के हाइपरलिंक पर क्लिक करने से बचें।
किसी भी थर्ड पार्टी ऐप का इस्तेमाल नहीं करें।
किसी दोस्त से कोई लिंक या पैसे से संबंधित मैसेज आता है तो उससे बात करें।
कंपनी की मुख्य वेबसाइट पर ही विजिट करें। एड के साथ लिखी साइट पर क्लिक नहीं करें।
यूआरएल में लॉक आइकन को चेक कर साइट की सिक्योरिटी पता की जा सकती है। वेबसाइट के यूआरएल में सिक्योर मोड (https) में नहीं है तो शॉपिंग नहीं करें।
एपीके एप फाइल को डाउनलोड करने से पहले उसके बारे में जानकारी जुटाएं।
सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर आए उत्पादों के विज्ञापनों के झांसे में नहीं आए।
Published on:
30 Nov 2023 11:56 am
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