
दोषी को जेल लेकर जाती पुलिस व इनसेट में मृतक अवतार सिंह। फोटो: पत्रिका
Alwar Murder Case: अलवर। तारीख थी 10 जून और साल था 2016, रामगढ़ तहसील के गांव पाटा में सरपंच चुनाव की सरगर्मियां चरम पर थीं। अवतार सिंह और इंद्रजीत सिंह अलग-अलग प्रत्याशियों का समर्थन कर रहे थे। चुनाव परिणाम में इंद्रजीत सिंह पाटा के समर्थित प्रत्याशी की हार के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया। उसी शाम करीब 6.30 बजे अवतार सिंह गांव में राधेश्याम पंडित की दुकान पर लोगों से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान इंद्रजीत समेत अन्य आरोपी वाहनों में सवार होकर वहां पहुंचे और अवतार सिंह को घेर लिया। आरोपियों के पास हथौड़े, लोहे के पाइप, चाकू, तलवार, हॉकी और लाठियां थीं।
आरोपियों ने अवतार सिंह पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे उनके भाई हरविंदर सिंह और पिता अमृत सिंह पर भी हमला किया गया, जिससे दोनों घायल हो गए। अमृत सिंह के हाथ-पैर पर गंभीर चोटें आईं और फ्रेक्चर भी हुआ, जबकि अवतार सिंह के सिर, छाती, चेहरे और पैरों पर लगातार वार किए गए। आरोपी उन्हें मरा समझकर मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल अवतार सिंह को परिजन अलवर के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अगले दिन 11 जून 2016 को हरविंदर सिंह ने नौगांवा थाने में हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता अभिमन्यु सिंह चौहान और अजय मोहन मुखीजा ने बताया कि अवतार सिंह की हत्या के इस बहुचर्चित मामले में शनिवार को जिला एवं सेशन न्यायाधीश अनंत भंडारी ने भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह सहित नौ अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
सभी दोषियों पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने 22 गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर सभी को दोषी ठहराया। सजा सुनाए जाने के बाद सभी दोषी कोर्ट परिसर से मूंछों पर ताव देते हुए बाहर निकले। मृतक अवतार सिंह और इंद्रजीत सिंह रिश्ते में मामा-भांजे हैं।
परिवादी की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि घटना के दौरान इंद्रजीत सिंह बोलेरो गाड़ी में मौजूद था और अपने साथियों को लगातार उकसा रहा था। वह चिल्लाकर कह रहा था, "मार दो, आज यह बचना नहीं चाहिए, मैं अपने आप संभाल लूंगा। इसने सरपंच चुनाव को लेकर मेरा खून पी रखा है।" अभियोजन पक्ष ने इस रिपोर्ट को भी अदालत के समक्ष महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया।
इंद्रजीत सिंह वर्ष 2014 में भाजपा के अलवर जिला अध्यक्ष रह चुके हैं। इस कारण यह मामला शुरू से ही चर्चित रहा।
कोर्ट ने इंद्रजीत सिंह पुत्र मक्खन सिंह, जसपाल सिंह पुत्र अनूप सिंह, गुरुवचन सिंह पुत्र मनोहर सिंह, कमलजीत सिंह पुत्र मनोहर सिंह, अमन पुत्र रवि कुमार, हरविंदर सिंह पुत्र इंद्रजीत सिंह, अनूप सिंह पुत्र मक्खन सिंह, विश्वेन्द्र सिंह पुत्र अमरीक सिंह और कुलवंत सिंह पुत्र अमरजीत सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जिनको सजा सुनाई, उनमें इंद्रजीत सिंह का बेटा हरविंदर सिंह और भाई अनूप सिंह भी शामिल है। जसपाल सिंह और विश्वेन्द्र सिंह ये दोनों इंद्रजीत के भतीजे हैं। इनमें कुलवंत सिंह पुत्र अमरजीत सिंह बहरादरपुर रोड थाना रामगढ़ का निवासी है तथा शेष सभी आरोपी पाटा गांव के हैं।
Updated on:
19 Jul 2026 11:04 am
Published on:
19 Jul 2026 11:04 am
