
प्रतीकात्मक तस्वीर
अलवर। हनीट्रैप का शिकार हुए पटना (बिहार) पुलिस के एक हेड कांस्टेबल ने राजगढ़ थाना पुलिस के स्टाफ पर मारपीट का आरोप लगाया है। घटना 22 फरवरी की है। पीड़ित हेड कांस्टेबल ने एसपी कार्यालय में फोन किया तो उसे थाना प्रभारी अथवा सीओ को शिकायत देने और मदद का आश्वासन मिला। इसके बाद पीड़ित शनिवार को एसपी को शिकायत देने मिनी सचिवालय पहुंचा, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी।
पीड़ित हेड कांस्टेबल ने बताया कि करीब 8 साल पहले वह मसौढ़ी थाने में नियुक्त था। उस दौरान एक महिला से उसका परिचय हुआ। आरोपी महिला उसे फोन करने लगी। आरोपी महिला ने एक दिन उसे अपने घर बुलाया और उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिए। इन्हें वायरल करने की धमकी देकर वह उसे ब्लैकमेल कर रुपए मांगने लगी।
पहले 16 लाख रुपए लिए, फिर आपत्तिजनक वीडियो व फोटो नष्ट करने के एवज में 10 लाख रुपए और लिए। इसके बाद भी 5 लाख रुपए और मांगने लगी। फोटो और वीडियो उसके परिजनों और दोस्तों को शेयर कर दिए। परेशान होकर वह दिल्ली से राजगढ़ पहुंचा।
महिला उसकी लोकेशन पता कर राजगढ़ पहुंच गई। शिकायत देने राजगढ़ थाने पहुंचा तो पुलिस कर्मियों ने मदद की जगह उससे मारपीट कर दी।
पीड़ित हेड कांस्टेबल का कहना है कि वह पटना के एक संगठित हनीट्रैपिंग गिरोह के जाल में फंसा है। इस संबंध में पटना के न्यायालय में सूचनात्मक याचिका भी दायर की हुई है। इसके अलावा अपने वरिष्ठ अधिकारियों को भी लिखित शिकायत दे रखी है।
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घटना के दौरान मैं अवकाश पर था। वह किसी महिला के साथ राजगढ़ में धर्मशाला में रुका हुआ था। महिला ने पुलिस को शिकायत दी कि उसका पति उसको परेशान कर रहा है। इस पर उसे शांतिभंग में गिरतार किया था। थाने में मारपीट जैसा कोई मामला नहीं है। यदि कोई बात है तो वह मुझसे इस बारे में संपर्क कर सकता है। उसकी मदद की जाएगी।
Published on:
02 Mar 2025 05:30 pm
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