7 जून 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भाजपा नई सरकार बनते ही कर सकती है ये काम

अप्रैल 2024 में लोकसभा चुनाव हो रहे हैं, इसलिए मार्च में आचार संहिता लग जाएगी। राजनीतिक दलों के पास चुनाव की तैयारी के लिए सिर्फ 3 महीने का समय है। बीजेपी अलवर में किसी बाहरी व्यक्ति को उम्मीदवार बनाने की योजना बना रही है. उसकी तैयारी के लिए उन्हें अधिक समय की जरूरत है।

less than 1 minute read
Google source verification
fbgfjghj.jpg

भाजपा जिलाध्यक्ष ने कांग्रेस नेताओं पर लगाए गंभीर आरोप

अप्रैल 2024 में लोकसभा चुनाव हो रहे हैं, इसलिए मार्च में आचार संहिता लग जाएगी। राजनीतिक दलों के पास चुनाव की तैयारी के लिए सिर्फ 3 महीने का समय है। बीजेपी अलवर में किसी बाहरी व्यक्ति को उम्मीदवार बनाने की योजना बना रही है. उसकी तैयारी के लिए उन्हें अधिक समय की जरूरत है।

इसलिए नई सरकार के कार्यभार संभालने के बाद पार्टी उम्मीदवार की घोषणा करेगी। इसके लिए कांग्रेस भी रणनीति बना रही है। जिले का माहौल कांग्रेस की ओर झुका हुआ है, लेकिन बीजेपी इससे निपटने के लिए कुछ नए तरीके अपना सकती है।

वर्ष 2019 में चुनावी आचार संहिता मार्च से ही लग गई थी। सात चरणों में देश में चुनाव हुए। अलवर से भाजपा ने महंत बालक नाथ को मैदान में उतारा और करीब 3 लाख वोटों से जीत मिली। उस दौरान मोदी लहर थी। इस बार प्रदेश में भाजपा की सरकार का अभी गठन होना बाकी है।

बताया जा रहा है कि ये पूरा माह मंत्रिमंडल बनाने में ही लग जाएगा। जनवरी में अफसरों के बड़े पैमाने पर तबादले आदि होंगे। ऐसे में सरकार अपने काम में जुटी रहेगी और पार्टी अपने कार्य में। बताया जा रहा है कि जनवरी माह में भाजपा का सांसद के लिए चेहरा सामने आ जाएगा।

मालूम हो कि पिछले चुनाव में कांग्रेस के पास सात विधायक थे, और इस बार संख्या 6 तक ही पहुंच पाई। ऐसे में भाजपा को कांग्रेस की ओर से जीती विधानसभाओं के लिए अधिक पसीना बहाना होगा। जानकारों का कहना है कि बाहरी प्रत्याशी को यहां उतारा जाएगा तो उन्हें और मेहनत की आवश्यकता होगी। समय भी चाहिए।