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अलवर में सिविल और मैकेनिकल इंजीनियरिंग की मांग बढ़ी, सीटों की कमी से छात्रों में आक्रोश

बाजार की मांग को देखते हुए आज नए-नए प्रशिक्षण लोगों की आवश्यकता है। उसी के मुताबिक निजी कॉलेज या बड़े शिक्षण संस्थान कोर्स शुरू कर रहे हैं। इसका फायदा छात्रों को मिलता है। एक तो जल्दी नौकरी हाथ लगी जाती है और दूसरा पैकेज अच्छा मिलता है। अलवर में सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज नहीं है।

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अलवर

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Manoj Vashisth

Oct 30, 2023

Government Polytechnic College Alwar

Government Polytechnic College Alwar

- सिविल व मेकेनिकल इंजीनियरिंग की मांग ज्यादा, पर सीटें महज 60 ही

अलवर. बाजार की मांग को देखते हुए आज नए-नए प्रशिक्षण लोगों की आवश्यकता है। उसी के मुताबिक निजी कॉलेज या बड़े शिक्षण संस्थान कोर्स शुरू कर रहे हैं। इसका फायदा छात्रों को मिलता है। एक तो जल्दी नौकरी हाथ लगी जाती है और दूसरा पैकेज अच्छा मिलता है। अलवर में सरकारी इंजीनियरिंग (Government Polytechnic College Alwar) कॉलेज नहीं है। आईटीआई यहां महिला व पुरुष का संचालित है। यहां सिविल व मेकेनिकल इंजीनियरिंग में दाखिले के लिए आवेदनों की हर बार भरमार रहती है लेकिन सीटों की संया कम होने के कारण तमाम छात्र दाखिले से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में छात्रों ने सरकार से कहा है कि सीटों की संया में इजाफा करने की आवश्यकता है। हालांकि पांच फीसदी सीटों में विभाग बढ़ोत्तरी कर सकता है।

इन दो विषयों के लिए होती है मारामारी
राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में पिछले कई सालों से सिविल इंजीनियरिंग और मेकेनिकल इंजीनियरिंग दोनों विषयों की परसेंटाइल सबसे अधिक रहती है। इसमें दाखिला अधिक परसेंटाइल वाले विद्यार्थियों को मिल रहा है। वहीं विद्यार्थियों की तीसरी पसंद इलेक्ट्रिकल विषय बना हुआ है।

इस तरह से है सीटों का गणित

पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में इस सत्र से पहले करौली पॉलिटेक्निक महाविद्यालय संचालित था। इस कारण अलवर जिले के कुछ विद्यार्थियों को दाखिला इसमें मिल जाता था, लेकिन अब करौली पॉलिटेक्निक महाविद्यालय करौली में शिफ्ट कर दिया गया है। ऐसे में अलवर के छात्रों को अतिरिक्त दाखिला नहीं मिल पाता। आवेदनों की संया अधिक रहती है। महाविद्यालय के नोडल अधिकारी श्याम सिंह गुप्ता ने बताया कि महाविद्यालय में सिविल इंजीनियरिंग में 60 सीट, मेकेनिकल में 60, इलेक्ट्रिकल में 40 और इलेक्ट्रॉनिक्स विषय की 40 सीटों पर दाखिला दिया जाता है। शिक्षकों के 25 पद हैं।