
कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए आगे आई निजी संस्थाएं, Lords Group ने प्रशासन को सौंपा हॉस्पिटल, गद्दे व बैड भी दे रहे लोग
अलवर. एक तरफ कोराना जैसी महामारी से पूरा विश्व संकट में है। आम- जन की जीवन ठहरा हुआ है, लोग घरों में बंद हो गए हैं। हमारे पास सीमित संसाधन हैं जिनमें विस्तार के लिए सरकार सामाजिक संस्थाओं और दानदाताओं से सहयोग मांग रही है। इस अपील का अलवर में असर देखने को मिल रहा है। अलवर में कई समाज सेवी आगे आए हैं जिन्होंने अपने भवन मरीजों के लिए बनने वाले आइसोलेशन वार्ड को दे रहे हैं।
अलवर के उद्योगपति मनोज चाचान ने 300 बैड का लार्डस हास्पिटल प्रशासन को दिया है जिसमें मरीजों के लिए सभी सुविधाएं होंंगी। इसे पूरी तरीके से तैयार कर लिया गया है। इसी प्रकार इन्होंने एक हजार मरीजों के काम आ सकने वाले आइसोलेशन वार्ड के लिए विद्यार्थियों का हॉस्टल प्रशासन को संभलवा दिया है। यह दोनों भवन सेवा भावी कार्यों के लिए तैयार है।
चाचान का कहना है कि यदि जरूरत पड़ी तो एलआईईटी ग्रुप के छात्रावास भी वे प्रशासन को उपलब्ध कराएंगे जिनमें एक हजार मरीजों का एक साथ इलाज हो सकता है। यहां पानी, बिजली और अन्य आवश्यक संसाधनों की कोई कमी नहीं है। ग्रुप निदेशक राजेश भारद्वाज कहते हैं कि वे इस पुनीत काम के लिए सभी उच्च शिक्षण संस्थाओं को प्रेरित कर रहे हैं। इस समय सभी को एक साथ मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है जिस तरह एक फुटबाल टीम काम करती है। हमारे यहां का पूरा स्टॉफ स्वयं सेवी के रूप में कार्य करने को तैयार हैं।
आगे आए निजी चिकित्सालय
कोरोना वायरस से बचाव के लिए अब दानदाता आगे आने लगे हैं । निजी अस्पतालों की ओर से भी आगे बढकऱ मदद दी जा रही है । सामान्य चिकित्सालय में बुधवार को निजी अस्पताल वालों ने पूर्णा से बचाव के लिए कई सामान दिए।
सामान्य चिकित्सालय के पीएमओ डॉ सुनील चौहान ने बताया कि संत सुखदेव अस्पताल अलवर ने पांच आईसीयू बेड सहित 45 बेड की व्यवस्था की है। सुनील नर्सिंग होम अलवर ने भी दो वेंटीलेटर लॉट्स हॉस्पिटल में संचालित होने वाले आईसीयू के लिए निशुल्क उपलब्ध कराए हैं 7 इसके अलावा सिटी हॉस्पिटल ने 100 गदद्े दिए हैं। मोती डूंगरी स्थित ऑर्थो सर्जन डॉक्टर जगदीश मीणा ने 5 पैराकार्डियक मॉनिटर देने की घोषणा की है। सामान्य चिकित्सालय के पीएमओ ने बताया कि कोरोना वायरस से फैलने वाली गंभीर से पूरा विश्व जूझ रहा है ऐसे में यदि संसाधनों की कमी होगी तो हम इस महामारी से नहीं लड़ पाएंगे । इसलिए जरूरी है कि दानदाता आगे आए और अस्पतालों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में मदद करें। यदि यदि संसाधन ज्यादा हुए तो हम बीमारी से लडऩे में कामयाब हो पाएंगे।
Published on:
26 Mar 2020 01:08 pm
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