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किरवारी को पंचायत मुख्यालय बनाने की मांग को लेकर प्रदर्शन

आज से लिसानी गांव के स्कूल बंद का ऐलान

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किरवारी को पंचायत मुख्यालय बनाने की मांग को लेकर प्रदर्शन

अलवर. खैरथल क्षेत्र के किरवारी गांव को पंचायत मुख्यालय बनाने की मांग को लेकर लिसानी गांव में रोष व्यक्त करते ग्रामीण।


अलवर. खैरथल क्षेत्र में किरवारी ग्राम पंचायत मुख्यालय बनाने की मांग को लेकर रविवार को किरवारी गंावके साथ लिसानी गांव के लोग भी समर्थन में खुले में आ गए है। उन्होंने भी किरवारी को मुख्यालय बनाने के लिए सोमवार से अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजने का निर्णय लिया है। किरवारी व लिसानी गांव के लोगों ने रविवार को लिसानी गांव में एक सभा कर आंदोलन को अनिश्चितकालीन तक चलाए पर जोर दिया।
सभा में वक्ताओं ने लोगों ने कहा कि जिला कलक्टर को लोगों की परेशानी सुननी चाहिए। उनका यह आंदोलन राजनीति से प्रेरित नहीं है बल्कि भविष्य में सामने आ रही समस्याओं को लेकर है। लोगों ने बताया कि गिरवास में यदि मुख्यालय बनता है तो कार्य के लिए ग्राम सचिव व सरपंच के पास गिरवास जाना पड़ेगा, जो दोनों गांवों के लोगों को मंजूर नहीं है। वक्ताओं ने बताया कि किरवारी में आज तक आठवीं तक का स्कूल है, ऐसे में आठवीं के बाद बेटियां घरों में कैद हो जाती हैं। जो खैरथल या अन्यत्र पढऩे जाती हैं उन्हें उनके परिजन छोडऩे जाते हैं। जब तक मांग पूरी नहीं होती है स्कूलों का बहिष्कार किया जाएगा। साथ ही आगामी पंचायत चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। इस अवसर पर शेरसिंह, पूरन चन्द, रत्तीराम , बीरबल यादव, रामप्रसाद ,मिंटू ,सुलेमान ,मोहमदा ,हनीफ खान , करण सिंह , रोहिताश्व, जयसिंह, अजय ग्राम लिसानी से तथा किरवारी के दीना खान, दलमोड, निवाजा खान, चन्दन, कुन्दा, मोहन, जुमेदिन, गिर्राज जाटव, फूलसिंह, दुल्ली खान, मुकेश आदि लोगों ने राज्य सरकार के आदेश की आलोचना की।
बेरे बास गांव को पंचायत मुख्यालय बनाने पर ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन
रामगढ़. गत दिनों पंचायत समिति के परिसीमन में नवगठित ग्राम पंचायत बेरे बास बनाने के विरोध में नाकचपुर, करीरिया व बेरे गांव के ग्रामीणों ने रोष जताते हुए नारेबाजी की। तीनों गांवों के ग्रामीणों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है।

करीरिया गांव में प्रदर्शन कर रहे सुब्बा खान, सलीम खान आदि ने व बेरे गांव में प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि गत दिनों परिसीमन में बेरे गांव को ग्राम पंचायत मुख्यालय बनाने का निर्णय हुआ है। लेकिन परिसीमन के बाद विधायक ने प्रशासन के साथ मिलकर बेरे बांस गांव को पंचायत मुख्यालय बनवा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक बेेेरे गांव को मुख्यालय नहीं बनाया जाएगा।तब तक तीनों गांवों के बच्चे स्कूल नहीं जाएंगे। ग्रामीणों का कहना है कि अगर हमारी की मांग पूरी नहीं हुई तो सोमवार को इसी संदर्भ में तीनों गांव के ग्रामीण उपखंड अधिकारी रामगढ़ व जिला कलक्टर अलवर को ज्ञापन सौंपेंगे। इधर, रामगढ़. उपखंड अधिकारी रेणु मीणा का कहना है कि परिसीमन को सरकार की ओर से फाइनल किया जाता है। इसे सरकार ने ही फ ाइनल किया है। सीबीईओ ने मुझे अवगत कराया था कि तीनों गांवों के विद्यार्थी विद्यालय नहीं आ रहे हैं। परिसीमन के मामले में अब मेरे स्तर पर कुछ नहीं किया जा सकता। उधर, सीबीईओ जगदीश प्रसाद जाट का कहना है कि. प्रधानाचार्य ने रामगढ़ मुख्यालय पर सूचना दी थी कि गांव करीरिया, बेरे व नाकचपुर गांव के बच्चों को स्कूल आने से ग्रामीणों की ओर से रोका जा रहा है। ग्रामीण अपनी मांग को लेकर अपनी बात पर अडिग हैं। मेरा ग्रामीणों से यही कहना है कि बच्चों की शिक्षा को रोकना सही नहीं है।