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राजकीय कन्या महाविद्यालय को आवंटित भूमि पर निर्माण से पहले ही विवाद, कार्य करने जेसीबी को महिलाओं ने रोका

कुछ महिलाएं अपनी जमीन बताकर आ गई जेसीबी के सामने -साढ़े चार करोड़ की राशि स्वीकृत हुए हो गया लगभग एक वर्ष से अधिक समय

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खेरली. कस्बे में राजकीय कन्या महाविद्यालय को आवंटित भूमि पर निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही विवाद उत्पन्न हो गया। सोमवार को यहां कुछ महिलाओं ने बिना दस्तावेज ही अपनी जमीन बताकर कार्य करने गई जेसीबी के सामने आगे आकर अवरोध पैदा कर दिया। इस पर पीडब्ल्यूडी के अभियंता ने उच्च अधिकारियों को सूचित किया। वहीं महाविद्यालय के प्रभारी ने भी उपखंड अधिकारी को इस बाबत पत्र लिखा है।गौरतलब है कि राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में संचालित राजकीय कन्या महाविद्यालय के निर्माण के लिए साढ़े चार करोड रुपए स्वीकृत हुए लगभग एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका है और भूमि आवंटित कर कार्यकारी एजेंसी पीडब्ल्यूडी को बना दिया। जिस पर टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद भवन निर्माण का कार्य शुरू किया जाना था। जिसका कुछ महिलाओं ने विरोध करते हुए जेसीबी के आगे खड़ी हो गईं।

कनिष्ठ अभियंता मोहित खंडेलवाल ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने कार्य नहीं होने दिया। आरोप है कि इन लोगों ने ही पूर्व में अनाधिकृत रूप से इस भूमि की जुताई कर दी थी। जबकि इस भूमि से संबंधित कोई भी दस्तावेज उनके पास नहीं बताए जा रहे है। राजस्व विभाग ने कन्या महाविद्यालय की प्रस्तावित भूमि का पहले ही सीमांकन कर निशान लगा दिए थे और कॉलेज को कब्जा सौंप दिया था। कॉलेज भवन निर्माण के लिए कार्यकारी एजेंसी पीडब्ल्यूडी को बनाने पर अब ठेका एक कंपनी को मिला है, जिसने कार्य शुरू किया है। अब पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने प्रशासन से संपर्क किया है। कॉलेज प्रभारी बाबूलाल महिंद्रा ने भी उपखंड अधिकारी को पत्र लिखकर समस्या निराकरण की मांग की है। इधर एक ही भवन में विद्यालय एवं महाविद्यालय संचालित होने से छात्राओं को अध्ययन में परेशानी उठानी पड़ रही है।550 से अधिक छात्राएं

महाविद्यालय में 550 से अधिक छात्राएं प्रथम, द्वितीय अथवा तृतीय वर्ष में अध्ययनरत हैं। फिलहाल राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के 6 कमरे में कॉलेज संचालित हैं, जो पर्याप्त जगह नहीं है। भवन में शौचालय आदि की सुविधाओं का भी अभाव है। विद्यालय के कुल 26 कमरों में से 11 कमरे प्रधानाचार्य कक्ष एवं स्टाफ रूम, प्रयोगशाला परीक्षा कक्ष, स्काउट गाइड कक्ष, स्टोर आदि के काम लिए जा रहे हैं। तीन कमरे क्षतिग्रस्त हैं। ऐसे में 6 कमरों में आठ कक्षाओं का बैठना संभव नहीं है। इसलिए कक्षा 9 एवं 10 तथा 11 एवं 12 की कुछ कक्षाओं को एक साथ बैठना पड़ता है। जिससे छात्राओं का अध्ययन प्रभावित हो रहा है।

महिलाओं ने बाधा उत्पन्न की

कार्यकारी एजेंसी ने निर्माण कार्य शुरू किया तो वहां कुछ महिलाओं ने विरोध कर उसमें बाधा उत्पन्न की है। उक्त मामले में उपखंड अधिकारी को सूचित कर समस्या निवारण के लिए निवेदन किया है।बाबूलाल महेन्द्रा, प्रभारी कन्या महाविद्यालय खेरली।

...............आवश्यक कार्रवाई की जाएगी

मामला मेरे संज्ञान में है। सरकारी कार्य में बिना कारण रुकावट पैदा करना गैर कानूनी है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी कर कन्या महाविद्यालय निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।श्याम सुंदर चेतीवाल, एसडीएम, कठूमर।