2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अलवर

जोरदार बारिश से सिलीसेढ झील में हुई 5 इंच पानी की आवक

राजगढ़ में 131, सिलीसेढ क्षेत्र में 51, जयसमंद बांध क्षेत्र में 41 मिमी हुई बरसात

Google source verification

मालाखेड़ा. क्षेत्र में सोमवार अलसुबह पहाड़ी एरिया व गांवों में भारी बारिश होने के बाद शाम 4 बजे तक सिलीसेढ़ झील में बारिश का पानी आने से 5 इंच पानी की बढ़ोतरी हुई है। झील तथा पहाड़ी क्षेत्र के गांव बखतपुरा, ढहलावास, डोबा, रिंग्सपूरी, बीनक, मीणा ढाणी, कोऑपरेटिव ढाणी, सिरावास, रूंध सिरावास, नट बस्ती, बावड़ी आदि क्षेत्र में रात 2 बजे से सुबह 4 बजे तक तेज बारिश हुई, जिससे अलवर जिले की इस प्राकृतिक झील में 5 इंच पानी की आवक हुई है। इस क्षेत्र के निहाल सिंह गुर्जर, रामजीलाल बैंसला, ओमप्रकाश गोलियां, शिवराज गुर्जर, रामसिंह गुर्जर, सुरज्ञानी मीणा आदि ने बताया कि मानसून की पहली तेज बारिश हुई है, जिससे झील में बहुत पानी पहुंचा है। शाम 4 बजे तक 5 इंच पानी का गेज बढ़ गया। यह पूरे क्षेत्र के लिए एक खुशी की बात है।

………………..

अकबरपुर. क्षेत्र में रविवार रात अच्छी बरसात के बाद रूपारेल नदी में पानी की आवक देखी गई। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अकबरपुर थाना पुलिस और सुरक्षा गार्ड लगाए गए। सोमवार को रूपारेल नदी में चार इंच पानी बढ़ गया। यह पानी जयसमंद बांध में पहुंचेगा। नटनी का बारा नंलदेश्वर सिलीसेढ झील पर सुरक्षा गार्ड तैनात कर दिए। जेईएन सिंचाई विभाग नीरज शर्मा ने बताया कि रात में हुई बरसात के बाद रूपा रेल नदी में 4 इंच पानी आया है। सिलीसेढ क्षेत्र में 51 और जयसमंद बांध क्षेत्र में 41 मिमी बरसात हुई।अकबरपुर थानेदार प्रेमलता ने बताया कि जलाशयों पर पुलिसकर्मी लगा दिए हैं। नटनी का बारा में एक तथा नलदेश्वर में दो पुलिसकर्मी पुलिस लाइन से लगाए हैं। वही दो पुलिसकर्मी सिलीसेढ झील पर लगाए हैं। इधर बारिश के बाद जयसमंद बांध में जाने वाले पानी को नदी के मालाखेड़ा पुल में जलकुंभी फंस जाने से बहाव प्रभावित हो रहा है। सरिस्का क्षेत्र में रविवार रात झमाझम बरसात के बाद सोमवार सुबह रूपारेल नदी में पानी की आवक देखने को मिली। पानी के साथ नटनी का बारा से जलकुंभी हटकर जयसमंद बांध की ओर जाने वाली रूपारेल नदी स्थित मालाखेड़ा रोड पर पुल पर फंस गई। जिसके कारण जयसमंद बांध में जाने वाले पानी में अवरुद्ध पैदा हो रहा है। नटनी का बारा रूपारेल नदी दो भागों में बटी हुई हैं। एक हिस्से का पानी भरतपुर जाता है और दूसरे हिस्से का पानी अलवर जयसमंद में जाता है, लेकिन नटनी का बारा रूपारेल नदी में जलकुंभी बड़ी तादाद में है। ग्रामीणों ने जलकुंभी हटाने के लिए मांग की है।

……………………

बैरेर में मकान की दीवार गिरी, कमरों में आई दरार

पिनान. बैरेर गांव में रविवार रात तेज बारिश से एक पुराने मकान की दीवार गिर गई। हालांकि मकान में सो रहे एक ही परिवार के पांच जने बाल-बाल बच गए। रमेश चंद जांगिड़ पुत्र गोकुलराम के पक्के मकान के बरामदे की दीवार गिर गई, जिससे परिवार बेघर हो गया। रमेश ने बताया कि रात करीब दो बजे तेज गर्जना से मकान थर्राने का आभास हुआ तो घर में सोई दो बेटी एक बेटा व पत्नी टीनशेड में चले गए। उसके बाद बारिश शुरू होते ही बरामदे की एक तरफ की दीवार गिर गई। अन्य कमरों की दीवारों में भारी दरारें आ गई। मकान अब गिराऊ हालत में हो गया। पीड़ित ने सोमवार को बैरेर में आयोजित शिविर में रैणी तहसीलदार कैलाश चंद मेहरा को प्रार्थना पत्र सौंपकर सहयोग की मांग की गई। तहसीलदार ने पटवारी नेमी चंद मीणा व ग्राम सचिव आसुसिंह को मौका मुआयना के लिए निर्देशित किया।

…………………….

तेज हवा के साथ बारिश में पेड़ गिरे, कई जगह नुकसानसकट. कस्बे में रविवार रात तेज हवा के साथ बारिश आई। इस दौरान कई बड़े पेड़ गिर गए। जिससे किसानों की बाजरे की फसल खराब हो गई। छोटी बाड़ी क्षेत्र में बिजली के खंभे गिरने से सड़क अवरुद्ध हो गई। जैस्या की ढाणी मार्ग पर भी पीपल का पेड़ गिर गया। सरपंच प्रतिनिधि फूलचंद सैनी ने बताया कि तेज हवा और बारिश से कई मकानों को नुकसान पहुंचा है। रामोतार सैनी का दो मंजिला मकान का निर्माणाधीन टावर गिर गया। ख्यालीराम टाकड़ा का झरोखा, नारायणपुर के मोतीलाल हलवाई के मकान के मुख्य गेट पर पेड़ गिरने से गेट क्षतिग्रस्त हो गया। इस दौरान कई लोगों के टीनशेड उड़ गए। हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। बारिश के कारण कई खेतों में पानी भर गया, जिससे फसल डूब गई। कई किसानों के खेतों की तारबन्दी पेड़ गिरने से टूट गई। जिससे किसान चिंतित दिखाई दिए। तूफानी बारिश के चलते करीब आधा दर्जन से ज्यादा बिजली के पोल, दो डीपी टूटकर गिर गई। कस्बे की बड़ी बाड़ी, छोटी बाड़ी, टाकड़ा बास, छांढ़वालों की ढाणी, बनी का बास, थमावली आदि गांव व ढाणियों की बिजली सप्लाई बाधित हो गई।

…………….

कई जगह भरा पानी

राजगढ़. कस्बे सहित आसपास के क्षेत्र में रविवार रात तेज बारिश से सड़कें दरिया बन गई। राजगढ़ क्षेत्र में 131 मिमी बारिश दर्ज की गई है। रात करीब 1 बजे तेज बारिश का दौर शुरू हुआ, जो करीब पौने तीन बजे तक जारी रहा। तेज बारिश के चलते जगह-जगह नाले-नालियों मेें उफान से सड़क मार्गों पर कई फीट पानी जमा हो गया। सड़क पर कीचड़ व गंदगी जमा हो गई। स्टेशन मार्ग पर कई फीट पानी जमा होने, चिकित्सालय के सामने तथा गोविन्द देवजी बाजार में कई दुकानों, चिकित्सालय व तहसील परिसर सहित अनेक स्थानों पर पानी जमा हो गया। बारलाबास में नाले की एक तरफ की सुरक्षा दीवार का काफी हिस्सा धराशायी हो गया। मेला का चौराहा के समीप भुखमारियों का कुण्ड में कई फीट नाले का पानी भर गया। कुण्ड के एक हिस्से की दीवार धराशायी हो गई। हरिओम भुखमारिया ने बताया कि स्टेशन मार्ग स्थित नाले का उफान आने से बारिश का पानी बाग की दीवार तोड़कर घर व कुण्ड में जमा हो गया। कस्बे के श्रीनगर बांदेन सड़क के मध्य रेलवे अंडरपास में बारिश का पानी जमा होने से आवागमन बाधित हो गया। गोविन्द देवजी मन्दिर के पास बारलाबास वाटर वर्क्स सड़क पर गन्दा पानी भरने के साथ ही गंदगी जमा हो गई। काली पहाड़ी में रात रामनाथ शर्मा के मकान के आगे बनी दीवार का करीब चालीस फीट हिस्सा धराशायी हो गया। अनुराग शर्मा ने बताया कि काली पहाड़ी -थानाराजाजी मार्ग के मध्य एनिकट की मरम्मत नहीं होने के कारण साइड से काफी मात्रा में बारिश का पानी बहकर निकल रहा है। क्षेत्र के खेत पानी से लबालब हो गए।