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अलवर शहर में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है, जहां स्कीम नंबर–1 निवासी एक बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर सवा करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर ली गई। पीड़िता की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और कार्रवाई करते हुए करीब 56 लाख रुपये की राशि को होल्ड करवा दिया है।
पुलिस के अनुसार मकान नंबर 149, स्कीम नंबर–1 निवासी रीटा कटारिया (76) पत्नी स्वर्गीय जगदीश कटारिया ने रिपोर्ट दी है कि 15 दिसंबर से 21 दिसंबर के बीच उनके पास अज्ञात कॉल आए। कॉल करने वालों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके नाम से मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में जांच चल रही है। ठगों ने महिला को गिरफ्तारी और डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
लगातार कॉल कर ठगों ने महिला पर दबाव बनाया और मामले से नाम हटाने के लिए बड़ी रकम की मांग की। डर और तनाव में आई महिला ने आरटीजीएस के जरिए अलग-अलग किस्तों में कुल 1 करोड़ 25 लाख 5 हजार रुपये ठगों द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए। यह राशि भुवनेश्वर स्थित एक खाते में भेजी गई बताई जा रही है।
जब ठगों ने और अधिक पैसे की मांग की तो महिला को संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने परिजनों को जानकारी दिए बिना सीधे साइबर थाने पहुंचकर पूरी घटना पुलिस को बताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक खातों को सीज कराया, जिससे करीब 56 लाख रुपये की राशि होल्ड हो सकी।
पुलिस ने बताया कि साइबर ठगों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। कॉल डिटेल, बैंक ट्रांजेक्शन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
गौरतलब है कि ठगी का शिकार हुई बुजुर्ग महिला अपने पति के निधन के बाद अकेली रहती हैं। उनकी दो बेटियां हैं, जिनका विवाह हो चुका है और वे दिल्ली में अपने परिवार के साथ रहती हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध कॉल या डिजिटल अरेस्ट के नाम पर पैसे की मांग होने पर सतर्क रहें और तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।
Published on:
24 Dec 2025 11:54 am
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