10 मार्च 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पांडुपोल में चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें, अतिक्रमण से मिलेगी मुक्ति

पांडुपोल जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। पांडुपोल मंदिर तक इलेक्ट्रिक बस चलाने, अतिक्रमण पर कार्रवाई करने, पार्किंग बनाने, गांवों के पुनर्वास की प्रक्रिया

less than 1 minute read
Google source verification

फोटो - प्रतीकात्मक

सुप्रीम कोर्ट की ओर से सरिस्का के संरक्षण को दिए गए आदेश पर अमल को लेकर सरकार ने बैठक की। उन्होंने संबंधित अफसरों को निर्देश दिए हैं कि जल्द से जल्द सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी की सिफारिशों को लागू करें। सरिस्का प्रशासन इसे गंभीरता से लेते हुए आगे बढ़े। म्यूटेशन की प्रक्रिया में आ रही बाधाओं को जिला प्रशासन व संबंधित विभाग दूर करते हुए शुरू करें।

मुख्य सचिव सुधांश पंत की ओर से सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र जमा किया गया था। उन्होंने सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी की 22 सिफारिशों को लागू करने पर सहमति दी। कहा कि समयबद्ध तरीके से यह कार्य करवाए जाएं। कुछ कामों के लिए समय और मांगा था। अब तक किए गए कार्यों को लेकर सरकार ने समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा है कि जिन सिफारिशों पर दिसंबर 2024 तक काम पूरा करना है, उन्हें जल्द पूरा कर लिया जाए। पांडुपोल मंदिर तक इलेक्ट्रिक बस चलाने, अतिक्रमण पर कार्रवाई करने, पार्किंग बनाने, गांवों के पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। गांवों के विस्थापन को लेकर सरिस्का प्रशासन से प्रगति भी जानी गई है।

यह भी पढ़ें:
रामगढ़ उपचुनाव: सुखवंत सिंह 13,636 वोटों से जीते, किस राउंड में कितने वोट मिले…