कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ रेप और मर्डर के मामले में डॉक्टर्स की हड़ताल का मरीजों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। डॉक्टर्स ने महिला डॉक्टर के साथ रेप और मर्डर की इस घटना में उचित करवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए प्रोटेस्ट का रास्ता अपनाया हुआ है। अखिल भारतीय चिकित्सक संघ की ओर से देशव्यापी हड़ताल के चलते अलवर के सामान्य चिकित्सालय में भी हालात बेकाबू हो गए।
जहां इमरजेंसी में डॉक्टर तो बैठे लेकिन केवल गंभीर रोगियों का ही उपचार करने का हवाला देते हुए ओपीडी में आने वाले बीमार मरीजों को देखने से इनकार कर दिया। सामान्य चिकित्सालय के सर्जन चिकित्सक रविंद्र चौधरी का कहना है कि हमें निर्देश मिले हैं की लाइफ सेवर, जो की जिंदगी और मौत से जूझ रहा है उसी का ही उपचार किया जाएगा। सामान्य मरीजों को नहीं देखा जाएगा। वही ओपीडी के मरीजों का कहना है कि सुबह 8 बजे यहां पहुंचे हैं लेकिन हड़ताल की जानकारी नहीं थी। ऐसे में यहां सैकड़ों लोग कतार में लगे हुए हैं लेकिन चिकित्सक उन्हें देखने से इनकार कर रहे हैं और वहां से जाने के लिए दबाव बना रहे हैं।