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अलवर में अवैध धर्मांतरण का पर्दाफाश, चेन्नई की संस्था कर रही थी फंडिंग 

अलवर थाना उद्योग नगर पुलिस ने अवैध धर्मांतरण के मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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अलवर

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Rajendra Banjara

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Updated: 4 Sep 2025, 3:32 PM IST

घटना की जानकारी देते एसपी और गिरफ़्तार दोनों आरोपी

अलवर थाना उद्योग नगर पुलिस ने अवैध धर्मांतरण के मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि इस संस्था का मैनेजमेंट और फंडिंग चेन्नई की एफ.एम.पी.बी. संस्था की ओर से किया जाता है।

ऐसे हुआ खुलासा

थाना उद्योग नगर पुलिस को सूचना मिली कि सैय्यत कॉलोनी गोलेटा स्थित फ्रेंड्स मिशनरी प्रेयर बैंड हॉस्टल में विद्यार्थियों को अवैध धर्मांतरण कराया जा रहा है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां बच्चों से बातचीत की गई और हॉस्टल में मौजूद रिकॉर्ड की जांच की गई।

जांच में सामने आया कि संस्था गरीब बच्चों को शिक्षा के साथ क्रिश्चियन धर्म की शिक्षा भी देती है और हिंदू व सिख धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक बातें सिखाती है। इस पर मौके पर मौजूद विजेंद्र सिंह खंडेलवाल ने धार्मिक भावनाएं आहत करने संबंधी रिपोर्ट दर्ज कराई।

पुलिस की कार्रवाई

प्रकरण दर्ज होने के बाद पुलिस ने तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्य कब्जे में लेकर जांच शुरू की। बच्चों से सादे वस्त्रों में बातचीत कर वीडियो रिकॉर्ड की गई। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपी

बोधर अमृत – निवासी गुजरात
सोहन सिंह – निवासी अलवर

वारदात का तरीका

आरोपी गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा और निवास की सुविधा देने का लालच देकर क्रिश्चियन धर्म की शिक्षाएं प्रदान करते थे, साथ ही मूल धर्मों के विरुद्ध गलत बातें सिखाकर धर्मांतरण कराने का प्रयास करते थे।

फंडिंग चेन्नई से

जांच में सामने आया कि इस संस्था का मैनेजमेंट और फंडिंग चेन्नई की एफ.एम.पी.बी. संस्था की ओर से किया जाता है। इससे पहले भी इस संस्था से जुड़े कई लोग (सैल्वम निवासी तमिलनाडु, मलकीत सिंह निवासी बांधोली, सतीश निवासी गोविंदगढ़ व अन्य) अवैध धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार हो चुके हैं और जमानत पर हैं। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है।


जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने जानकारी दी कि यह कार्रवाई आईपीएस कांबले शरण गोपीनाथ (सहायक पुलिस अधीक्षक, मुख्यालय), आरपीएस सुनील प्रसाद शर्मा (वृत्ताधिकारी, रामगढ़) और थानाधिकारी अजीत सिंह बडसरा के नेतृत्व में की गई।