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विधिक, वित्तीय और महिला स्वास्थ्य एवं आत्मरक्षा की दी जानकारी

कस्बे के राजकीय कन्या महाविद्यालय राजगढ़ में महिला जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य डॉ के. एल. मीना ने किया।

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महिला जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम में छात्राएं

कस्बे के राजकीय कन्या महाविद्यालय राजगढ़ में महिला जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य डॉ के. एल. मीना ने किया। प्राचार्य ने बताया कि महाविद्यालय में अध्ययनरत छाआत्रों में विधिक, वित्तीय और महिला स्वास्थ्य एवं आत्मरक्षा से संबंधित जागरूकता हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 फरवरी तक करवाया जाना है।

इसी क्रम में महाविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के सहायक आचार्य संदीप कुमार बमणावत ने छात्राओं को "घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम 2005" के सभी पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी और उन्होंने छात्राओं के इस कानून से संबंधित अनेक प्रश्नों का भी जवाब दिया। उन्होंने इस कानून पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह अधिनियम 2005 में भारतीय संसद द्वारा पारित किया गया था।

यह कानून 26 अक्टूबर 2006 को लागू किया गया। इसका उद्देश्य घरेलू हिंसा से महिलाओं को बचाना व पीडित महिलाओं को कानूनी सहायता उपलब्ध करवाना है। इस कानून के अन्तर्गत शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक दुर्व्यव्हार तथा आर्थिक दुर्व्यव्यहार जैसे किसी महिला को उसके आर्थिक या वित्तीय संसाधनों से वंचित करना आदि आते हैं।

घरेलू हिंसा की शिकायत पीडिता या उसके नातेदार ही नहीं बल्कि समाज की कोई भी जिम्मेदार नागरिक भी सद्भावना में इसकी शिकायत कर सकता है। इस अवसर पर डॉ. सुशील कुमार, डॉ. राजेन्द्र कुमार, डॉ. कृतिका पारीक, हरिओम, कमल यादव, मनोहर लाल एवं अनेक छात्राएँ मौजूद रही।