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राजस्थान: जल जीवन मिशन घोटाले में 10 अधिकारियों को क्लीन चिट, चिट्ठी लिखकर कर्मचारी संगठन ने उठाए सवाल

जल जीवन मिशन घोटाले में 10 अधिकारियों और इंजीनियरों को क्लीन चिट दिए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। कर्मचारी संगठन ने जिला कलक्टर से लेकर प्रमुख सचिव तक पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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अलवर

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Akshita Deora

Aug 06, 2026

Jal Jeevan Mission

AI जनरेटेड प्रतीकात्मक तस्वीर

Jal Jeevan Mission Scam: जल जीवन मिशन में घोटाले के आरोपी 10 अधिकारी और इंजीनियरों को क्लीन चिट देने का मामला गरमा गया है। कर्मचारी संगठन ने जिला कलक्टर से लेकर प्रमुख सचिव को पत्र लिखा है। कहा है कि इस मामले में उन अधिकारियों ने क्लीनचिट दी है जिनके खिलाफ इस घोटाले की जांच चल रही है। ऐसे में स्वतंत्र व किसी अन्य अधिकारी से इस मामले की जांच कराते हुए एक्शन लिया जाए।

पूर्ववर्ती सरकार में जल जीवन मिशन घोटाला हुआ तब तिजारा विधायक बालकनाथ ने इसे प्रमुखता से उठाया और उन्होंने सरकार से पत्राचार भी किया। शुरुआत में मामला आगे नहीं बढ़ा लेकिन बाद में प्रदेशभर में इस योजना में घोटाले खुलने लगे। कई अधिकारियों को चार्जशीट जारी की गई, तो कुछ को निलंबित किया गया। यहां भी 10 इंजीनियर व अधिकारियों को चार्जशीट दी गई लेकिन जलदाय विभाग के एसई रमेश सैनी ने इनको क्लीनचिट देते हुए एसीईभवानी सिंह शेखावत के पास आगे की कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेज दिया और उन्होंने भी चीफ इंजीनियर को भेज दिया, जिस पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

एसई की भूमिका संदिग्ध, एक्शन जरूरी

अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत ने जिला कलक्टर को पत्र लिखकर कहा है कि अलवर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता रमेश सैनी की ओर से विभाग में कार्यरत ऐसे 10 अधिकारियों व इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई के प्रस्ताव ड्राॅप करने का प्रकरण अतिरिक्त मुख्य अभियंता जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को भेजा गया है, जिनके विरुद्ध जल जीवन मिशन योजना के तहत करोड़ों रुपए का घोटाला करने की जांच चल रही है।

यह भी ज्ञात हुआ है कि स्वयं रमेश सैनी भी जल जीवन मिशन घोटाले में पहले से आरोपी हैं। ऐसे में समान योजना में आरोपित अधिकारी का अन्य आरोपितों को क्लीन चिट दिया जाना अत्यंत गंभीर है। ऐसे में अधीक्षण अभियंता के खिलाफ एक्शन लिया जाना चाहिए।

ठेकेदार व इंजीनियरों ने किया घोटाला

जल जीवन मिशन के मामले में सरकार गंभीरता से जांच कर एक्शन ले रही है। यहां का प्रकरण भी मेरी ओर से उठाया गया था। यहां इंजीनियरों के अलावा ठेकेदार भी दोषी हैं, जिन्होंने मिलकर घोटाला किया है। किस आधार पर इंजीनियरों को क्लीन चिट दी गई है, यह सरकार जांच में सब साफ कर देगी। इस मामले में एक्शन होगा।
महंत बालक नाथ, तिजारा विधायक